श्रद्धा तथा भक्ति का प्रतीक स्नान पर्व कार्तिक पूर्णिमा तथा देव दीपावली पर्व की तैयारी लगभग पूरी हो गई है। इस अवसर पर दोहरीघाट कस्बा के सरयू तथा तमसा तट पर हजारों श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। नगर के शीतला माता मंदिर पर 11 हजार दीप जलाए जाएंगे। इसके साथ ही जिले के विभिन्न इलाकों में स्थापित प्रमुख मंदिरों में देव दीपावली के मौके पर घी के दीपक जलाए जाएंगे।
जिले में 23 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा तथा देव दीपावली मनाई जाएगी। कार्तिक पूर्णिमा के दिन दोहरीघाट के सरयू, तमसा तट पर हजारों श्रद्धालु नदी में डुबकी लगाएंगे। प्रशासन की तरफ से घाटों पर सुविधाएं बहाल करने का क्रम युद्ध स्तर पर चल रहा है। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर देव दीपावली मनाने से समाज में सुख शांति और समृद्धि आती है। इस दिन आकाशदीप को बांधने की परंपरा होती है। इसी मान्यता के तहत नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में देव दीपावली का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा। इस मौके पर नगर के शीतला माता धाम पर 11 हजार दीप जलाए जाएंगे। गंगा आरती के लिए 20 फीट लंबा पांच फीट चौड़ा मंच बनाया गया है। इस अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता सहित विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। शीतला माता धाम व्यवस्था समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. रामगोपाल गुप्त ने बताया कि समिति के तरफ से शीतला माता धाम पर 11 हजार दीप जलाए जाएंगे। साथ ही कार्यक्रम में शामिल होने वाले भक्त भी दीपदान करेंगे। इसके साथ ही घोसी के पक्कापोखरा स्थित मंदिर, चिरैयाकोट क्षेत्र के खाकी बाबा की कुटी सहित नगर के ढेकुलियाघाट, मठिया टोला शिवाला, भीटी स्थित शिव मंदिर, कतुआ पुरा स्थित शिव मंदिर, कतुआपुरा स्थित मातृ मंदिर, दोहरीघाट के गौरीशंकर घाट, रामघाट सहित तमसा नदी के तट पर स्थापित मंदिरों में घी के दीपक जलाए जाएंगे। मंदिर के पदाधिकारी कार्यक्रम को सफल बनाने में जुट गए हैं।
इनसेट
मेले में कई जिलों के लोग करेंगे शिरकत
वलीदपुर। प्राचीन धरोहरों में मोहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के करहां स्थित गुरादरी मठ भी शुमार है, कार्तिम पूर्णिमा के अवसर पर यहां मौजूद बाबा घनश्याम दास की समाधि पर श्रद्घालु मत्था टेककर, पवित्र सरोवर में डुबकी लगाते हैं। हर वर्ष की भांति इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को यहां लगने वाले मेले की तैयारियां पूरी की जा चुकी है। कुटी के छठवें गुरु बाबा जगरनाथ दास ने लगभग एक दशक पूर्व पोखरे को भव्य रूप दिया। इसमें सात समुद्रों से जल लाकर डाला गया। रामनवमी मेले में आजमगढ़, बलिया, मऊ, गाजीपुर, वाराणसी आदि जगहों से श्रद्धालु भक्तों का जमावड़ा होता है।
इनसेट-
कोयल मर्याद भवानी मंदिर पर जलेंगे 1100 दीए
बोझी बाजार। मांदीसिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर परिसर को देव दीपावली के दिन 22 नवंबर को 1100 दीयों से जगमगाने का लक्ष्य है। इस निमित्त बुधवार को मंदिर परिसर में बैठक हुई। मंदिर समिति के अध्यक्ष दयानंद शुक्ल ने समिति के श्रद्धालु सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपीं। उन्होंने बताया कि उक्त अवसर पर वहां विशाल भंडारा भी आयोजित होगा। इस मौके पर हेमचंद राय, श्रवण सिंह, मनोज यादव, रामरतन राय, रामाशीष राय आदि मौजूद रहे।