मऊ। जिला अस्पताल के पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों के मानसिक तथा बौद्धिक विकास के लिए प्लेरूम बनाने का काम शुरू हो गया है। इसके बन जाने से यहां भर्ती कुपोषित बच्चे खिलौने आदि से खेल सकेंगे। ऐसे में बच्चों को खेल-खेल में बौद्धिक विकास भी होगा। अधिकारियों की उदासीनता के चलते इसका निर्माण कार्य रूका हुआ था। लेकिन जिलाधिकारी की फटकार के बाद अस्पताल प्रशासन ने इसका निर्माण कराने लगा है।
अतिकुपोषित बच्चों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में 26 अप्रैल 2016 में दस बेड का पोषण पुनर्वास केंद्र बनाया गया। जहां भर्ती बच्चों के मानसिक तथा बौद्धिक विकास के लिए प्लेरूम बनाया जाना था। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते इसका निर्माण कार्य नहीं हुआ। अस्पताल प्रशासन की यह खामी दो माह पूर्व पोषण मिशन के मंडल समन्वयक पवन मिश्रा द्वारा पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण में उजागर हुई। समन्वयक ने प्लेरूम नहीं होने की रिपोर्ट गत माह पोषण समिति की बैठक में जिले की नोडल अधिकारी प्रीती शुक्ला, जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु के समक्ष रखी। जिस पर सीएमएस को न फटकार लगाते हुए तत्काल उसका निर्माण कराने को कहा गया। अब इसका निर्माण शुरू हो चुका है। अस्पताल प्रबंधन ने बच्चों के खेलने के लिए खिलौने आदि खरीद लिए हैं। सीएमएस डा. बृजकुमार ने बताया कि नोडल अधिकारी और डीएम के निर्देश पर प्लेरूम बनाया जा रहा है। हालांकि यह कार्य तत्तकालीन सीएमएस द्वारा पूर्व में करा लिया जाना चाहिए था।
पोषण पुर्नवास केंद्र के डा. एमपी सिंह ने बताया कि केंद्र में भर्ती कुपोषित बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए प्लेरूम होना अनिवार्य है। खेल के माध्यम से इन्हें मनौवैज्ञानिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।