स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर पालिका के दावें जमीनी हकीकत के सामने बेहद कमजोर है। पूरा शहर सुलभ शौचालयों की कमी झेल रहा है। रिहायशी इलाके तो क्या शहर के बाजारों में भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक शहर में तीन श्रेणी के शौचालयों का निर्माण किया जाना था। उनमें निजी, सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालय शामिल हैं। शहर में नगर पालिका द्वारा सात जगहों ख्वाजापुर, भीटी,गालिबपुर, हकीकतपुर, भटकुआपट्टी, चिरैयाकोट मार्ग पर शौचालय बनाया जा चुका हैं, जबकि परदहा में निर्माण कार्य हो रहा है। लेकिन नगर के मुख्य बाजार मुंशीपुरा, भीटी बाजार, सहादतपुरा, बालनिकेतन मोड़, गाजीपुर तिराहा सहित सार्वजनिक और मुख्य बाजारों में सार्वजनिक शौचालय नहीं है। इन बाजारों में रोजाना नगर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग खरीददारी करने आते है। ऐसे में महिलाओं को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
शहर में कई कॉलोनी के अंदर रहने वाले व्यक्तियों के घरों में शौचालय नहीं बने हैं, जिस पर नगर पालिका ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत सार्वजनिक शौचालय बनाने के लिए प्रपोजल तैयार किया। मुंशीपुरा वार्ड 17 में सार्वजनिक शौचालय न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि यह शहर के बीच स्थित है। यहां रहने वाले लोगों के घरों तक में शौचालय नहीं है। मजबूरन कई लोग वार्ड के शहीद द्वार वाली गलि में के रास्ते में खुले में शौच करते हैं।
इस बावत ईओ संजय मिश्रा का कहना हैं कि सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। बाजारों में जगहों को चिह्नित करने के अलावा समस्या का निस्तारण न होने तक मोबाइल टॉयलेट रखवाए गए है।