मऊ। निर्मल स्वभाव वाले मनुष्य ही हनुमान जी को प्रिय होते है, उन्हें मन मे कपट छल रखने वाले व्यक्ति को कही पर भी स्थान नही मिलता है। हनुमान की कृपा होते ही मनुष्य भव सागर से पार होकर 84 लाख योनियों में बार बार जन्म लेने से मुक्त हो जाता है। यह विचार शनिवार को भीटी में आयोजित सुंदरकांड में श्री हनुमत कृपासेवा समिति के प्रमुख कमलेश महाराज ने व्यक्त किया। सुंदरकांड का पाठ करते हुए कमलेश महाराज ने कहा कि हम सभी को अपना जीवन सुंदर सहज तथा सरल बनाने के लिए महावीर की अविरल भक्ति करनी चाहिए । अंत मे अजय गुप्त और डॉ. राम गोपाल द्वारा महाआरती की गई। इस मौके पर रवि चौरसिया, सत्यजीत राय, संजय वर्मा, अरुण वर्मा, ओम प्रकाश प्रजापति सहित अन्य मौजूद रहे।