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विभिन्न योजनाओं में दो अरब 59 लाख हुआ स्वीकृत

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मऊ। नई सरकार के गठन के बाद जिला योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों के लिए इस वर्ष शासन से दो अरब 59 लाख दो लाख का बजट निर्धारित किया गया है। हालांकि यह धनराशि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 40 लाख कम है। अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष विभागों को द्वारा लगभग सभी धन व्यय भी किया जा चुका है। कुछ धनराशि कृषि विभाग सहित लघु सिंचाई, एवं सड़क पुल आदि के लिए व्यय होना शेष है।
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जिला योजना के तहत विभिन्न विभागों द्वारा होने वाले विकास कार्यों के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में दो अरब 59 लाख 42 लाख रुपये निर्धारित किए गए थे। जब कि वर्ष 2017-18 में शासन से दो अरब 59 लाख दो लाख का बजट निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष एक अरब 48 करोड़ 17 लाख 73 हजार रुपये अवमुक्त भी हो चुके हैं। इस वर्ष शासन की प्राथमिकता के दृष्टिगत जिला योजना वर्ष 2017-18 में 3500 निशुल्क बोरिंग, पांच नए दुग्ध समितियों का गठन, मनरेगा के तहत 34.94 लाख मानव दिवस का सृजन करने के साथ ही साथ 25 पंचायत भवनों का निर्माण, 20.14 किलो मीटर सीसी रोड, केसी ड्रेन का निर्माण 31588 स्वच्छ शौचालय का निर्माण, 440 सोलर स्ट्रीट लाईट, 3934 प्रधानमंत्री आवास, स्थानीय पर्यटन विकास के अंतर्गत 35 परियोजनाएं, 14 माध्यमिक शिक्षा का उच्चीकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वलीदपुर भीरा की स्थापना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट एवं परदहां की स्थापना, ग्रामीण पेयजल अंतर्गत 650 नए हैंडपंप की रिबोरिंग, पेयजल योजना में लगे 3 नलकूपों की रिबोरिंग, एक पाईप पेयजल परियोजना का सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार, नगरीय पेयजल अंतर्गत 350 नए हैंडपंपों की स्थापना व 100 हैंडपंपों की रिबोरिंग एवं दो नलकूपों का कार्य होना है। इनमें बड़ा बजट प्रधानमंत्री आवास के लिए आवंटित हुआ है। जिसमें 47 करोड़ 20 लाख 80 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं मनरेगा सहित अन्य रोजगार सृजन पर 81 करोड़ 57 लाख 66 हजार रुपयेे अवमुक्त हुए हैं।
योजनाओं में नवनिर्माण के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटघरा महलू, सहरोज, रसूलपुर, आदमपुर उर्फ रामपुर, कोलौरा एवं भार का भवन निर्माण, तीन रोगी आश्रय स्थलों का निर्माण, राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय मानिकपुर, खालिसपुर, सरसेना एवं अरदौना के भवन का निर्माण, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय चिरैयाकोट, चितबिसांव व चकरा के भवन का निर्माण, आईटीआई मऊ स्मार्ट रूम एवं मुहम्ममदाबाद गोहना में 3 स्मार्ट रूम का निर्माण भी प्रस्तावित है। अवमुक्त हुई धनराशि में 35.19 लाख नहीं खर्च हो पाएं हैं। इनमें कृषि विभाग, लघु सिंचाई विभाग, ग्राम्य विकास, सड़क एवं पुलिस सहित पिछड़ी जाति कल्याण के लिए खर्च की जानी है। हाल में ही प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी ने इसकी समीक्षा भी की है और आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। मुख्य विकास अधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी का कहना है कि शासन से जो भी धनराधि प्राप्त हुई है। उनमें अधिकांश खर्च हो चुकी हैं। शेष धनराधि भी संबंधित विभागों को उपलब्ध करा दी जाएगी। प्रस्तावित कार्यों को शासन से बजट स्वीकृत होने पर पूरा कराया जाएगा।
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