मझवारा। घोसी कोतवाली क्षेत्र के मऊ-बलिया बार्डर स्थित कुटियापार गांव निवासी एक महिला की मंगलवार की शाम चार बजे के करीब चोटी कट गई। इस घटना के बाद पीड़ित महिला तो बेहोश हो गई, जबकि घटना पूरे गांव में जंगल की आग की तरह फैल गई। आनन फानन में परिवार के सदस्य महिला को उपचार के लिए सीएचसी घोसी लाकर भर्ती कराए।
घोसी कोतवाली क्षेत्र के मऊ-बलिया बार्डर स्थित कुटियापार गांव निवासी सुनीता (22) पुत्री लालचंद पाल मंगलवार की दोपहर घर के पास मौजूद अपने नलकूप पर सोई थी। इस दौरान शाम को चार बजे के करीब अचानक उसकी चोटी कट गई। इस बात की जानकारी होने पर पीड़िता सुनीता बेहोश हो गई। बगल मेें ही उसकी मां खेत में काम कर रही थी। काम कर जब वह नलकूप पर पहुंची तो वहां की स्थि देख वह घबरा गई। मां के शोर मचाने पर मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। आनन फानन में परिवार के सदस्य सुनीता को उपचार के लिए सीएचसी घोसी ले जाकर भर्ती कराए। होश आने पर महिला का रो-रोकर बुरा हाल था। पीड़ित सुनीता का कहना था कि चोटी कब कट गई, उसे इसका पता ही नहीं चला। बताते चले सुनीता की चोटी कमर तक थी, अनहोनी की आशंका को लेकर सुनीता के साथ-साथ परिवार के लोग चिंतित हैं। घटना के बाद गांव सहित आसपास इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना था कि कोतवाली क्षेत्र में पहली घटना है। भयभीत महिलाएं अब अपने चोटी का कपड़े से बांधकर आते जाते देेखी जा रही हैं।