मऊ। जिले का मऊ-गाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग गड्ढे में तब्दील हो गया है। विभाग की तरफ से कुछ स्थानों पर बने गड्ढों में ईंटों के टुकड़े भरकर इतिश्री कर लिया गया है। हालत यह है कि गड्ढे में ईंट की बड़ी-बड़ी टुकड़ी पड़ने से सड़क उबड़ खाबड़ हो गई है। रात के अंधेरे में वाहन चालक आए दिन चुटहिल हो रहे हैं। अभी तक सड़क मरम्मत का कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। जबकि 15 दिनों के अंदर सड़क मरम्मत कराने का एनएचआई के अधिकारियों ने दावा किया था। प्रदेश सरकार की तरफ से 15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का फरमान भी जारी किया गया था लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते कार्य अधूरा रह गया है।
मऊ गाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग जगह-जगह गड्ढे में तब्दील हो जाने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। शासन की तरफ से सड़कों को गढ्ढामुक्त करने का फरमान जारी किया गया था, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत अभी तक नहीं कराई जा सकी है। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा ने मऊ-गाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के मरम्मत कराए जाने के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा था। पीएमओ ने एनएचआई गोरखपुर से रिपोर्ट मांगा। एनएचआई के परियोजना निदेशक ने 12 जून 2017 तक मरम्मत कार्य पूरा कराने का दावा किया था। हालत यह है कि विभाग की तरफ से कुछ गड्ढों में ईंट की बड़ी-बड़ी टुकड़ियों को डालकर इतिश्री कर ली गई। हालत यह है कि बढ़ुआगोदाम, बकवल, गोठा, दोहरीघाट क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर सड़क पर बने गड्ढों में टुकड़ियों के डालने से गड्ढे उबड़ खाबड़ हो जाने से रात के अंधेरे में दुपहियावाहन चालक चुटहिल हो जा रहे हैं। इस संबंध में एबीजीपी के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा का कहना है कि एनएचआई के अधिकारियों के उदासीन रवैए से सड़क मरम्मत का कार्य धीमी गति से चल रहा है। सड़क खराब होने से जिले के विकास गति धीमी हो गई है। इसी क्रम में व्यापारी नेता गोपाल कृष्ण बरनवाल, उमाशंकर ओमर, उद्यमी बालकृष्ण ठरड मऊ गाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अविलंब मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए।