मऊ। शांतिकुंज हरिद्वार के कथावाचक पं. सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि कर्मों का फल भगवान नहीं बल्कि कर्म ही कर्म का फल देता है। कर्म ही बंधन और मोक्ष का कारण है। विचार ही कर्म को जन्म देता है। इसका फल जन्म-जन्मांतर तक मिलता है। श्री शर्मा गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन सोमवार की शाम प्रवचन कर रहे थे। इस दौरान यज्ञशाला में आहुतियां समर्पित करने के अलावा 1100 लोगों ने गायत्री मंत्र की दीक्षा ली। इसी क्रम में 25 नामकरण, 200 विद्यारंभ, 20 अन्नप्राशन व दो पुंसवन संस्कार संपन्न कराया गया।
युग गायक रामवीर नेगी ने अपने सहयोगी दिलधीर यादव, विवेक प्रताप सिंह के साथ ज्ञान गंगा नहा ले मन मेरे प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। डा. संजय सिंह, मानसिंह वर्मा, प्रमोद राय, डा. रामसुख यादव आदि मौजूद थे। शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में जीवन राम छात्रावास के मैदान में आयोजित 108 कुण्डीय राष्ट्र जागरण अभियान गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन सोमवार को श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी।
यज्ञाचार्य पं. सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि गायत्री सब मंत्रों तथा सभी व विद्याओं में शिरोमणि है। यह कामधेनु के समान मनोकामना को पूर्ण करती है। इस धार्मिक अनुष्ठान से समूचा वातावरण वेद मंत्रों व भजनों से गूंज उठा है। दिव्य औषधियुक्त हवन सामग्री से चारों तरफ सुगंध फैल गई है। गायत्री परिवार की ओर से माता भगवती भोजनालय में नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था की गई थी। लोग वेद मूर्ति पं.श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा लिखे गए साहित्य में भी रुचि दिखा रहे थे।