मऊ। जनवरी 2023 से अब तक जिले में दो पहिया और चार पहिया वाहन चलाने के लिए 11 हजार 438 ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिया गया है लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में कोई सतर्कता नहीं बरती जा रही है। बिना ड्राइविंग टेस्ट लिए ही धड़ल्ले से वाहन चलाने के लिए लाइसेंस जारी कर दिया जा रहा है।
तेजी से बढ़ते सड़क हादसों को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। सड़क सुरक्षा के लिए लगातार अभियान चल रहे हैं। ड्राइविंग टेस्ट न हो पाने के लिए जिम्मेदार ड्राइविंग ट्रैक के अभाव का हवाला दे रहे हैं। ड्राइविंग टेस्ट के लिए एआरटीओ कार्यालय के परिसर में ट्रैक बनाया गया था। लेकिन तीन साल पहले ट्रैक के बीचोबीच भवन का निर्माण करा दिया गया। जिससे ट्रैक मात्र 10 मीटर ही बच गया है। खानापूर्ति के लिए कभी कभी 10 मीटर लंबे ट्रैक पर दो पहिया वाहन चलवाया जाता है।
बावजूद रोजाना 30 से अधिक स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। इनमें ज्यादातर ऐसे होते हैं, जो अभी वाहन चलाने में दक्ष ही नहीं होते। यातायात नियमों का पालन कराने वाला विभाग खुद असुरक्षित यात्रा के लिए अनुमति दे रहा है। जबकि सड़क हादसों में कमी लाने के लिए सरकार सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दे रही है। हेलमेट, सीट बेल्ट को अनिवार्य कर दिया गया है। यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश हैं। लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए, जिससे उसी व्यक्ति का लाइसेंस जारी हो जो वाहन चलाने में निपुण है। इसके लिए ऑनलाइन टेस्ट के साथ ड्राइविंग टेस्ट लेना भी अनिवार्य किया गया है। शासन की इस मंशा का जिले में पालन नहीं हो रहा। यहां ऑनलाइन टेस्ट तो होता है, लेकिन जब ड्राइविंग टेस्ट की बारी आती है तो बिना वाहन चलवाए ही कुशल चालक का प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
ड्राइविंग लाइसेंस के आंकड़ो पर नजर डालें तो जनवरी 2023 से अब तक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 12 हजार 145 आवेदन आए जिसमें से दक्षता सुनिश्चित करने के बाद 11438 लाइसेंस जारी किए गए। अक्टूबर माहीने में 1138 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 1106 लाइसेंस जारी हुए। नवंबर माह में 747 आवेदन आए और 328 लाइसेंस जारी किए गए। वहीं 26 दिसंबर तक 1113 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 1021 लाइसेंस जारी किए गए।
ट्रैक छोटा होने से थोड़ी परेशानी होती है। फिर भी बिना टेस्ट लिए लाइसेंस जारी नहीं किया जाता है। जिले में ड्राइविंग टेस्ट के लिए ऑटोमेटिक टेस्टिंग ड्राइविंग ट्रैक के निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है। जगह-जगह उपलब्ध होते ही ट्रैक का निर्माण कराया जाएगा। - सुहेल अहमद, एआरटीओ, मऊ