30 मरीजों की उम्र 15 साल से कम
जिला अस्पताल में संचालित एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी (एआरटी) सेंटर के फार्मासिस्ट शिवेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में जिले में 2404 लोग एचआईवी संक्रमित हैं। इनमें तीस मरीज ऐसे हैं, जो 15 वर्ष से कम उम्र के हैं। दो मरीजों की पुष्टि तीन माह पहले हुई, जिन्होंने सड़क किनारे टैटू बनवाए थे।
फार्मासिस्ट शिवेंद्र सिंह ने बताया कि हर साल 15 से 20 महिलाएं एचआईवी संक्रमित हो रही हैं। काउंसिलिंग में पता चला कि चार साल में संक्रमित मिलीं 68 महिलाओं मे से 20 में संक्रमण की वजह सड़क किनारे टैटू बनवाना रहा। सभी महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया गया।
सावधानी ही बचा सकती है बीमारी से
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजय सिंह ने बताया कि टैटू के लिए नई सुई (निडिल) का इस्तेमाल करना चाहिए। टैटू बनवाने में 0.3 प्रतिशत संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। यदि सुई किसी संक्रमित के खून के संपर्क में आई है तो इससे दूसरे व्यक्ति में संक्रमण हो सकता है। एचआईवी दूषित रक्त के संपर्क में आने और संक्रमित इंजेक्शन साझा करने से फैलता है। संक्रमण से बचने के लिए सावधानी और सतर्कता जरूरी है।