मऊ। अपर जिलाधिकारी बीपी सिंह के न्यायालय ने 35 मिलावटखोरों पर शिकंजा कसा गया है। कोर्ट ने 35 मामलों में 11,50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट की इस कार्रवाई के बाद मिलावटखोरों में खलबली मच गई है। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन द्वारा बिना रजिस्ट्रेशन, सैंपल में मिलावट की पुष्टि हो जाने के बाद अपर जिलाधिकारी न्यायालय में वाद दायर कराया था। न्यायालय ने इनके खिलाफ अपना फैसला सुना दिया। दूध में मिलावट के मामले में तीन लोगों के खिलाफ 90 हजार का अर्थदंड लगाया गया। सरसो तेल में मिलावट के मामले में एक दुकानदार पर पांच हजार का जुर्माना लगाया। इसी क्रम में तीन मिठाई विक्रेताओं पर 95 हजार का अर्थदंड लगाया। गुलाब जामुन मिक्स में तीन के खिलाफ 2.30 लाख का जुर्माना लगाया। छेना मिठाई तत्व तथा बिस्कुट के मिलावट में चार कारोबारियों पर 1.75 लाख का अर्थदंड लगाया। सिंघाड़ा आंटा, बूंदी में मिलावट करने पर दो के खिलाफ 75 हजार का अर्थदड लगाया। इसी क्रम में गाय, भैंस के दूध में मिलावट के मामले में तीन दूध विक्रेताओं पर चार दूधियों के खिलाफ 85 हजार का जुर्माना लगाया गया। बिना पंजीकरण के नौ कारोबारियों के खिलाफ 2.25 लाख का अर्थदंड लगाया। सहायक आयुक्त खाद्य तथा जिला अभिहित अधिकारी एसके दीक्षित ने बताया कि लगाए गए जुर्माना की धनराशि एक माह के अंदर जमा करने को कहा गया है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।