विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर प्रशासन तैयारी में लग गया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रभारी जिलाधिकारी मुख्य विकास अधिकारी गिरिजेश कुमार त्यागी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिवकुमार वर्मा ने बताया कि चुनाव की तैयारी को लेकर मतदेय स्थलों को बढ़ाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। आयोग द्वारा तय किए गए दिशा निर्देश के अनुसार शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं के हिसाब से मतदेय स्थलों का समभाजन किया जा रहा है। अब तक जनपद में 102 मतदेय स्थल बढ़ाए गए हैं। इस तरह कुल संख्या 1580 पहुंच गई है।
मुख्य विकास अधिकारी गिरिजेश कुमार त्यागी ने बताया कि मतदेय स्थलों का प्रकाशन 22 जून होगा। इस पर एक जुलाई तक आपत्ति डाली जा सकती है। आठ जुलाई को अंतिम प्रकाशन होगा। सभी उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को निर्देश दिया गया कि वह अपने-अपने क्षेत्र में मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन कर लें। ऐसे मतदेय स्थल जो नहर, नदी, रेलवे लाइन के अलावा दो किलोमीटर की दूरी पर हों उनकी रिपोर्ट देकर सुविधा अनुसार मतदेय स्थल निर्धारित किए जाए।
निर्वाचन आयोग के नए निर्देश के तहत मधुबन में 11 मतदेय स्थल बढ़ने के बाद 397 मतदेय स्थल, घोसी में 42 मतदेय स्थल बढ़ने के बाद 409, मुहम्मदाबाद गोहना में 15 मतदेय स्थल बढ़ने के बाद 356 एवं सदर विधानसभा क्षेत्र में 34 मतदेय स्थल बढ़ने के बाद 418 मतदेय स्थल हो गए। इस प्रकार कुल 102 मतदेय स्थल बढ़े हैं। जिले में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 1580 हो गई है।
विभिन्न दलों के उपस्थित प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को विधान सभावार कई मतदेय स्थलों में संसोधन करने का भी सुझाव दिया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने सभी को निर्देश दिया कि मतदेय स्थलों के निरीक्षण के दौरान यह भी सुनिश्चित कर लें कि कोई मतदेय स्थल किसी प्राइवेट भवन में ना हो। अगर हो तो इसे सरकारी, अर्ध सरकारी या वित्तविहीन विद्यालयों में शिफ्ट किया जाए। सभी मतदेय स्थलों पर दिव्यांगों के लिए रैंप के साथ ही पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान मुख्य रूप से सदर एसडीएम जगदंबा सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अवनीश सिंह, बसपा प्रतिनिधि भरत राजभर, लोकदल जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, भाकपा प्रतिनिधि विनोद राय आदि शामिल रहे।