मधुबन। जनपद की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत दुबारी के हरीलाल का पूरा सहित सात पुरवों को 2011 की बेस लाइन सर्वे में शामिल ही नहीं किया गया था। इसके चलते इन पुरवों के गरीबों को शौचालय आवंटन में मुश्किलें आ रही हैं। ग्राम प्रधान ने इन पुरवों के पात्रों को शौचालय आवंटन के लिए मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिखकर एक हजार और शौचालयों की स्वीकृति के साथ धन की मांग किया है।
दुबारी ग्राम पंचायत में दुबारी रमऊपुर, बिग्रहपुर, बिसेनदुबारी, भानपुर, रतनपुरा, पाल पूरा, लक्ष्मी पुर ,गोबरही, नई बस्ती, मलहटोलिया,कौड़ीपुर, टमठा,इ स्लामिया टोला, मनमनका पूरा, हरीलाल का पूरा, पब्बर का पूरा, खरगीपुर, बइरकंटा, भगत का पूरा, नंद जी का पूरा, बिसुनी का पूरा, धूस, सुन्नर का पूरा, खैरा देवारा, दल्लीपुर और बिंदर का पूरवा सहित 28 पुरवे शामिल हैं। वर्ष 2011 में हुई बेस लाइन सर्वे में हरीलाल का पूरा, टमठा, नंद जी का पूरा, बिसुनी का पूरा, पाल पूरा और सुन्नर का पूरा गांवों को शामिल ही नहीं किया गया। इसके चलते स्वच्छ भारत अभियान में इन पुरवों के पात्र ग्रामीण इस योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए। लेकिन अन्य पुरवों में कराई गई जांच में कुछ परिवार अपात्र पाए गए। ग्राम प्रधान रंजना सिंह ने विभागीय अधिकारियों को पार्थनापत्र लिखकर वंचित पुरवों के एक हजार पात्र लाभार्थियों को शौचालय बनवाने के लिए धन की मांग किया है। इस गांव के लिए कुल 1328 शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति और धन मिला है। इनमें से 1300 शौचालय पूर्ण रूप से बन गए हैं। शेष 28 शौचालय निर्माण के अंतिम चरण में हैं। ग्राम प्रधान रंजना सिंह बताती हैं कि वर्ष 2011 की बेस लाइन सर्वे में हरीलाल का पूरा सहित सात पुरवों में उस समय सर्वे ही नहीं किया गया था। इस लिए इन पुरवों के गरीब पात्रों को शौचालय आवंटन में दिक्कतें आईं। ग्राम प्रधान का दावा है कि गांव में 95 प्रतिशत शौचालयों का निर्माण पूरा कर दिया गया है। अब इनपुरवों के एक हजार पात्रों की सूची सीडीओ को सौंपकर धन की मांग की गई है। इस बाबत डीपीआरओ एसपी सिंह का कहना है कि दुबारी ग्राम पंचायत शौचालय निर्माण के लक्ष्य में अग्रणी है। उनका कहना है कि वंचित पात्रों को भी शौचालय निर्माण के लिए धन दिया जाएगा।