ठंडक की शुरुआत होते ही ट्रेनों की लेट लतीफी शुरू हो गई। गुरुवार को उत्सर्ग एक्सप्रेस ट्रेन सात घंटे देरी से यहां पहुंची। मुजफ्फरपुर से आकर मंडुवाडीह जाने वाली बाप धाम एक्सप्रेस ट्रेन चार घंटे देरी से पहुंची। ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री परेशान हुए। यहीं दूसरी ट्रेनें भी कई घंटे लेट से पहुंची।
ठंडक की दस्तक से कई दिनों से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। इससे उनकी रफ्तार थम रही है। गुरुवार को भी सभी रेलगाड़ियां घंटों विलंब से चलीं। बुधवार की भोर 4.30 बजे आने वाली उत्सर्ग एक्सप्रेस साढ़े सात घंटे विलंब से दोपहर 12 बजे पहुंची। इसी तरह से बापूधाम एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से पांच घंटे लेट से स्टेशन पहुंची। वहीं लखनऊ से वाराणसी सिटी को जाने वाली डाउन कृषक एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह 10.40 के बजाए दोपहर एक बजे पहुंची। इसी तरह लोकमान्य तिलक टर्मिनल से गोरखपुर जाने वाली दादर एक्सप्रेस के दो घंटे विलंब से पहुंचने की सूचना थी। इसके चलते यात्रियों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। ट्रेनों के इंतजार में यात्री सुबह में स्टेशन पर बैठे कंपकंपाते रहे। स्थिति यह कि ट्रेनों के स्टेशन पर पहुंचने का समय हो जाने पर भी कंट्रोल रूम को उनकी स्थिति तक पता नहीं चल पा रही थी। यात्री बार-बार पूछताछ खिड़की पर जाते और निराश होकर लौटते।