मऊ। नया जिला महिला अस्पताल शुरू होने के दूसरे ही दिन शुक्रवार को यहां अव्यवस्था पैदा हो गई। अस्पताल में चेम्बर के लिए मारा मारी मची थी। डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सीएमएस पर भेदभाव के साथ कक्षों का आवंटन करने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं एक महिला डाक्टर तो मरीजों का इलाज छोड़ अपनी नाराजगी व्यक्त करने सीएमओ कार्यालय तक पहुंच गई। लेकिन उन्हें सीएमओ नहीं मिले। उधर, देर से डाक्टर के बैठने के कारण मरीज इधर से उधर परेशान होते रहे।
बताते चले कि पुराने जिला महिला अस्पताल गुुरुवार को नवरात्र के पहले दिन पूजा अर्चना के बाद नए भवन में शिफ्ट किया गया था। प्रबंधन ने डाक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को चेंबर और उनके कक्ष भी आंवटित कर दिए थे। शुक्रवार को दूसरे दिन अस्पताल के एक डाक्टर के कक्ष को अस्पताल के एक लैब टेक्रीशियन को आवंटित कर दिया गया। इसे लेकर चिकित्सक ने सीएमएस डा. आरके गुप्ता से नराजगती जताई। इस दौरान दो महिला चिकित्सकों ने भी अपने-अपने आवंटित कक्ष को लेकर नराजगी जताई। डाक्टर और सीएमएस में करीब 20 मिनट तक चर्चा होती रही। यहीं नही एक डाक्टर तो कक्ष को आंवटित करने को लेकर ज्यादा नाराज दिखीं और वह सीएमओ से शिकायत के लिए सीएमओ कार्यालय भी पहुंची, लेकिन सीएमओ के एक कार्यशाला में होने से बैरंग लौट आई। हालांकि बाद में सीएमएस ने नाराज डाक्टरों को उनके मनपसंद कक्ष देने की बात कर उन्हें शांत कराया। उधर, डाक्टरों और कर्मचारियों के विवाद में मरीज पिसते रहे। उन्हें इलाज के लिए इस कक्ष से उस कक्ष का चक्कर लगाना पड़ा। लेकिन बात नहीं बनीं। इस बावत सीएमएस डा. आरके गुप्ता का कहना है कि कक्ष को लेकर कुछ नाराजगी है, जिसे दूर कर दिया गया है।