पांच माह से वेतन न मिलने से नाराज विकास खंड परदहां क्षेत्र कोटवां स्थित विद्युत उपकेंद्र कोटवां पर तैनात एचएसओ और कर्मचारियों ने मंगलवार को विद्युत उपकेंद्र पर ताला बंदी कर विरोध प्रदर्शन किया।
कोटवां विद्युत उपकेंद्र तीन के बजाय चार एचएसओ सहायक तथा सुरक्षा कर्मचारी, रात्रि कालीन फाल्ट के लिए दो मेंटनेंस कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इन कर्मचारियों को पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिल रहा है। गत दिनों सब स्टेशन पर पानी की व्यवस्था सहित विभिन्न मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा था। उस समय अधिशाषी अभियंता ने जल्द ही मामले का निस्तारण करने का आश्वासन दिया था। परंतु एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी अधिकारियों द्वारा इन मांगो को लेकर कोई कारवाई नहीं की गयी। इससे नाराज होकर कर्मचारियों ने मंगलवार को दोपहर में कोटवां विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति बाधित कर कार्य बहिष्कार कर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। तीन घंटे बाद अधिकारियों ने कर्मचारियों से वार्ता कर जल्दी वेतन भुगतान कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर संविदा कर्मियों ने कार्य बहिष्कार समाप्त कर दिया। कर्मचारियों की हड़ताल से पिपरीडीह, महलीपुर, मजखनी सहित 80 गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित रही। प्रदर्शन करने वालो में नंदू यादव, ब्रहमदेव मौर्य, मनोज, कमलेश केसव, परमनाथ यादव, अभय राम आदि कर्मचारी मौजूद रहे। इस बाबत जेई विकास दुबे का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र ही निस्तारण किया जाएगा।
वहीं, उप्र राज्य विद्युत परिषद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के तत्वावधान में संविदा लाइनमैनों ने विद्युत सबस्टेशन डंगौली पर मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया। जिला सगंठन मंत्री सुजीत सैनी ने कहा कि पूरे प्रदेश में बिजली के संविदा कर्मचारियों का आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है। प्रमोद यादव ने कहा कि पांच माह का लंबित वेतन न्यूनतम वेतन के हिसाब से चेक आरटीजीएस के माध्यम से मिलना चाहिए। संजीव कुमार, अमित यादव आदि ने अधरने को संबोधित किया। संविदा कर्मियों की इस हड़ताल के चलते पूरे दिन विद्युत सबस्टेशन डंगौली से जुड़े लगभग तीन फीडर की विधुत आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही।