स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगरों को ओडीएफ मुक्त करने के साथ ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त करनी है। इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर नगर निकायों में शौचालय निर्माण के लिए आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा रही है। लेकिन नगर पालिका शौचालय निर्माण लक्ष्य से काफी पीछे है। जबकि 2 अक्टूबर तक नगर को ओडीएफ कराना है। लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष केवल 28 फीसदी निर्माण ही पूरा हो सका हैं, ऐसे में पालिका को केवल 38 दिन में 3960 शौचालयों का निर्माण कराना है। जो दो अक्तृबर तक संभव नहीं।
नगर पालिका द्वारा 42 वार्डो में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 5560 शौचालय बनाए जाने हैं। लेकिन 26 अगस्त तक केवल 1600 शौचालय का निर्माण शतप्रतिशत हो सका हैं, वहीं 2100 शौचालय का निर्माण अधूरा है। इस तरह से देखे तो लक्ष्य के सापेक्ष केवल 28 फीसदी शौचालय का निर्माण पूरा हो सका है। ऐसे में शेष 3960 शौचालय का निर्माण केवल 38 दिन में कराना एक असंभव कार्य है। यह हाल तब है जब केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से चार-चार हजार रुपये आर्थिक सहायता दी जा रही है। धन भी लाभार्थियों को मिल चुका है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही और सुस्त चाल से निर्माण की गति काफी धीमी है।
ईओ संजय कुमार मिश्रा का कहना हैं कि लक्ष्य के सापेक्ष शौचालय निर्माण का प्रयास कराया जा रहा है। इसके लिए सख्त रवैया अपनाने के साथ लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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खुले में कर रहे शौच
मऊ। कई वार्डो में शौचालय निर्माण न होने पर लोग खुले में शौच कर रहे है। इस समस्या को लेकर वार्ड 17 की पूर्व सभासद संध्या यादव ने 25 अगस्त को ईओ संजय कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर शौचालय न बने होने पर मोहल्ले के कई लोगों द्वारा वार्ड के शहीद द्वार वाली गली में बारह बिगहा कबिस्तान में खुले में शौच करने की शिकायत की। साथ ही पात्र लाभार्थियों को चिह्नित कर शौचालय बनवाने की मांग की है।