परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के किए गए समायोजन प्रक्रिया में मनमानी का आरोप लगाकर एक तरफ जहां शिक्षक संघ ने आंदोलन कर बीएसए को संशोधन के लिए तीन दिन की मोहलत दी है, वहीं समायोजन के बाद मिले मनमाफिक स्थानों पर शिक्षकों के तेजी से पदभार ग्रहण करने से समायोजन संशोधन में पेंच फंस सकता है। इसे लेकर शिक्षक संघ और बीएसए के बीच अभी भी तनातनी कायम है। बीएसए ने 572 शिक्षकों का समायोजन किया है जबकि 412 शिक्षकों ने अपनी आपत्तियां दाखिल की हैं। 160 शिक्षकों ने नई जगह पर ज्वाइनिंग भी कर ली है।
शिक्षक संघ का आरोप है कि समायोजन में मनमानी की गई है। विकल्प और आपत्तियों के लिए पर्याप्त समय दिए बिना ही मनमाने तरीके से समायोजन कर दिया गया है। इस दौरान जो शिक्षा मित्र, शिक्षक नहीं रहें, उन्हें शिक्षक मानकर सहायक अथवा प्रधानाध्यापकों को हटा दिया गया है। समायोजन के मापदंडों के साथ शासनादेश का हवाला देते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कृषणानंद राय कहते हैं कि जब सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों को शिक्षक नहीं माना तो फिर उनकी गिनती अध्यापक के रूप में करके शिक्षकों को उनके पुराने स्थान से हटाने का कोई औचित्य ही नहीं होता। जिन शिक्षकों की तैनाती, मनचाहे स्थानों पर मिल गई है, ऐसे 160 अध्यापक आनन फानन में वहां पहुंचकर अपने कार्य का योगदान दे चुके हैं। शिक्षकों ने संशोधन के लिए बीएसए को तीन दिन का समय दिया है। शिक्षकों ने संशोधन न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
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आनन फानन मांगा गया विकल्प
शिक्षक संघ का कहना है कि बिना विकल्प लिए ही कई ब्लाकों के अध्यापकों का समायोजन पहले से ही तय स्कूलों में कर दिया गया। बड़राव ब्लाक के अध्यापकों से 20 अगस्त की दोपहर बाद से विकल्प भरने को कहा गया। कुछ अध्यापकों ने उसी दिन शाम तक आनन फानन विकल्प भरा और उसी दिन की रात तीन बजे तक समायोजन की सूची फाइनल कर दी गई। अध्यापकों को विकल्प का मौका नहीं दिया गया और न ही उन्हें आपत्तियां करने का अवसर दिया गया।
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क्या शिक्षामित्र को चार्ज देना होगा
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष प्रवीण राय कहते हैं कि मनमाने ढंग से किए गए समायोजन से कई विद्यालय शिक्षामित्रों के भरोसे हो गए हैं। सवाल उठाते हैं कि यदि किसी स्कूल पर एक ही अध्यापक अथवा प्रधानाध्यापक रह गया है तो अवकाश लेने अथवा कहीं बाहर जाने की स्थिति में शिक्षामित्र को चार्ज देकर जाएगा।
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अध्यापकों के समायोजन में शासनादेश के अनुपालन का यथासंभव प्रयास किया गया है। कहीं कोई त्रुटि रह गई होगी तो उसे संशोधित किया जाएगा। ओपी त्रिपाठी, बीएसए