मऊ। रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के सहुआरी गांव निवासी राजेंद्र मिश्र ने मरणोपरांत शरीरदान तथा नेत्रदान करने का निर्णय लिया है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के शरीर रचना विभाग में शपथ पत्र तथा फार्म जमा किया है। क्षेत्र के लोगों ने उनके निर्णय को सराहा है।
मूल रुप से रतनपुरा ब्लाक के सहुआरी गांव निवासी राजेंद्र मिश्र अब अपने परिवार के नगर के पुरानी तहसील स्थित आवास में अपने परिवार के साथ रहते हैं। समाजसेवा में बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं। सबसे पहले अपने परिवार मेें मरणोपरांत नेत्रदान करने की इच्छा जताई। इनके पौत्र अखिलेश मिश्र जो प्रोद्योगिकी मंत्रालय में वैज्ञानिक हैं जब उनको पता चला तो अपने दादा को मरणोपरांत नेत्रदान के साथ ही शरीर दान करने की बात कही। इस संबंध में राजेंद्र मिश्र ने बताया कि पौत्र की प्रेरणा से नेत्रदान दान के साथ ही शरीर दान करने का निर्णय लिया। सबसे पहले जिला अस्पताल जाकर सीएमएस से मिला। सीएमएस द्वारा बताया कि मरणोपरांत नेत्रदान तथा शरीर दान करने संबंधी यहां पर व्यवस्था नहीं है। इसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय चिकित्सा विज्ञान संस्थान जाकर शपथ पत्र तथा प्रपत्र जमा कर प्रक्रिया पूरी किया। शपथ पत्र में लिखा गया है कि पार्थिव शरीर को सुपुर्द कर दिया जाए। इस संबंध में राजेंद्र मिश्र का कहना है कि मरणोपरांत दान देने के बाद हमारी आंखें जरूरतमंद लोगों की जिंदगी में उजाला लाने का कार्य करेगी। साथ ही मरणोपरांत हमारी दान शरीर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को पढ़ाई करवाने में योगदान देगी। उन्होंने कहा कि परिवार की सहमति से ही मरणोपरांत शरीरदान तथा नेत्रदान करने का निर्णय लिया है।