मऊ। शासन के आदेश पर अब मदरसों के लिए अलग पोर्टल लांच कर दिया गया है। अब संचालकों को मदरसों से जुड़ी सारी सूचनाएं और गतिविधियां पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। मदरसों की मान्यता, कमरों की संख्या, शिक्षकों की संख्या और उनकी शैक्षिक योग्यता के प्रमाणपत्र, छात्रों की संख्या सहित सारे क्रिया कलाप इस पोर्टल पर उपलब्ध कराने होंगे।
प्रदेश में अब तक मदरसों के लिए अपना कोई अलग पोर्टल नहीं था। काफी समय से इसकी जरूरत महसूस की जा रही थी। एक साल से अधिक समय से इसकी कवायद चल रही थी। 20 अगस्त को निदेशालय की बैठक में प्रदेश के सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों की उपस्थिति में पोर्टल लांच किया गया। पोर्टल लांच हो जाने पर अब मदरसों की सारी सूचनाएं आनलाइन करनी होंगी। मसलन मदरसे की मान्यता,भूमि और कमरों और उनके आकार का विवरण, शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़ी पूरी जानकारी जैसे उनकी नियुक्ति का समय, शैक्षिक योग्यता के प्रमाण, छात्रों की संख्या, नि:शुल्क ड्रेस वितरण,मिड डेमील का व्यौरा अपलोड करना है। सरकार से मिलने वाले अनुदान,व्यय की जाने वाली धनराशि का विवरण भी पोर्टल पर अंकित होगा। इसके अलावा छात्रवृत्ति के आवेदन भी समय से अग्रसारित करके जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से सत्यापित कराना होगा। पोर्टल न होने की स्थिति में अब तक छात्रवृत्ति आवेदन मदरसों को जिला विद्यालय निरीक्षक के पोर्टल से अग्रसारित कराना होता था।पोर्टल लांच हो जाने पर अब मदरसों को काफी सुविधाएं भी मुहैया रहेंगी और इसके साथ ही कई प्रकार की अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी। इस बाबत जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी लालमन कहते हैं कि पोर्टल लांच हो गया है। अब सारी सूचनाएं पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दे दिए गए हैं।