घोसी। उपजिलाधिकारी टीपी वर्मा ने पिउवाताल गांव में वर्षों से लंबित गांव सभा की जमीन पर हुए गलत नामांतरण को ख़ारिज करते हुए 14 एकड़ से अधिक भूमि को गांव सभा घोषित किया है। तहसील क्षेत्र के कई बड़े तालों के साथ ग्रामसभा की भूमि पर गलत नामांतरण कराकर भूमाफियाओं ने अब भी अवैध कब्जा किए हुए हैं। इसके के पूर्व भी पकड़ी, टेघना में कई एकड़ भूमि को गलत नामांतरण ख़ारिज कर ग्रामसभा को वापस किया जा चुका है। कई एकड़ का मुकदमा विचाराधीन है।
घोसी तहसील के पिउवाताल में गांव सभा की गाटा संख्या 2282 पर गांव के ही सतीश सिंह पुत्र रामचंद्र आदि ने दो अप्रैल 2016 को तत्कालीन उपजिलाधिकारी के यहां से अपनी ताल की भूमि को बदलवा कर ग्रामसभा की सड़क किनारे की भूमि से नामांतरण करा लिया। इसको लेकर ग्राम प्रधान दुर्गा देवी ने शासकीय अधिवक्ता संजय तिवारी ने विरोध किया। दोनों पक्ष के पक्ष को सुनने के बाद उपजिलाधिकारी टी पी वर्मा ने नामांतरण को गलत पाते हुए निरस्त करते हुए गांव सभा की भूमि को वापस करने का आदेश दिया। गांव वालों को उम्मीद जगी है कि गांव के एक सौ से अधिक बीघा भूमि पर हुए नामांतरण जो कमिश्नर के साथ उपजिलाधिकारी के यहां विचाराधीन है में भी ग्राम सभा के साथ जनता के पक्ष में फैसला होगा। बता दें कि तत्कालीन उपजिलाधिकारी विजय कुमार ने पकड़ी ताल में गलत ढंग से नामांतरण हुए एक सौ एकड़ से अधिक ताल की भूमि से कई लोगों के नाम को अवैध रूप से खारिज कर दिया था तो, 13 जून 2016 को तत्कालीन उपजिलाधिकारी एस डी सिंह ने टेघना गांव में 19.014 एकड़ ताल की भूमि पर छह लोगों ने गलत ढंग से नामांतरण करा लिया था। जिसका प्रधान संतोष सिंह ने विरोध किया तो जिस पर तत्कालीन एसडीएम ने नामांतरण ख़ारिज कर ताल दर्ज करने का आदेश दिया था। लोगों को उम्मीद जगी है कि तहसील क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ भूमि पर हुए गलत नामांतरण जल्द ख़ारिज होंगे।