जिला जज सुनील कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगी। इसमें 44,379 मामलों का निस्तारण किया गया। साथ ही 6,40,09,145 रुपये का समझौता राशि जमा कराई गई। वहीं 10 जोड़े मतभेद भुलाकर साथ रहने को राजी हुए। वहीं 58,26,540 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी हुआ।
इससे पहले जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में दीवानी कचहरी परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज ने किया। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय व काउंसलर हुमा रिजवी और पक्षकारों के अधिवक्ताओं के प्रयास से 10 जोड़े मतभेद भुलाकर साथ रहने के लिए राजी हुए। इससे 20 परिवारों की खुशियां लौट आई।
इस दौरान प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रिजवानुल हक ने 42 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया। इसमें भरण पोषण से संबंधित 22 मामले, विवाह विच्छेद व विदाई के 20 मामले शामिल रहे।
सेवा प्राधिकरण के सचिव बाकर शमीम रिजवी ने बताया कि जिला जज ने दो मामलों, अपर जनपद न्यायाधीश-प्रथम अशोक कुमार ने भी दो मामलों, विशेष न्यायाधीश, एससी/एसटी हरेंद्र प्रसाद ने पांच मामले, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजबीर सिंह नेे 22 मामलों का निस्तारण करते हुए 11500 रुपये अर्थदंड जमा कराया। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट एक जर्नादन प्रसाद यादव ने तीन, अपर जनपद न्यायाधीश/एफटीसी दो, राजीव कुमार वत्स ने 130, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने 3832 मामलों का निस्तारण करते हुए 6,77,100 रुपये अर्थदंड जमा कराया।
सिविल जज सीनियर डिवीजन नसेहा वसीम ने 109, सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने 96, सिविल जज प्रियंका शर्मा ने 37, न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्पित गोयल ने 156, सिविल जज महिमा सिंह ने 3, सिविल जज प्रियंका आजाद ने 13, सिविल जज ममता यादव ने 3, सिविल जज सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी 2 ने एक और विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 63, अच्छेलाल गुप्ता ने 03 मामलों का निस्तारण किया।
इस दौरान विभिन्न बैंकों और बीएसएनएल के 771 मामलों का निस्तारण करते 3,75,14,463 बकाया राशि प्राप्त की। राजस्व के 38,005 मामले, श्रम विभाग एवं मनरेगा के 130, नगर पालिका के 174, विद्युत के 262 व स्वास्थ्य विभाग के 502 मामले निस्तारित किए गए।