छाता में गोवर्धन रोड स्थित हॉस्टल से पकड़े गए युवक विकास आनंद के खिलाफ पुलिस धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करेगी। एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि विकास आनंद से रविवार की रात से एलआईयू, आईबी के डीसीआईओ, स्पेशल क्राइम ब्रांच आगरा के एसआईओ, मिलिट्री इंटेलीजेंस और एटीएस के अधिकारियों ने सोमवार सुबह आठ बजे तक पूछताछ की।
उसके पास से बरामद लैपटॉप और कंप्यूटर की हार्ड डिस्क खंगाली गई। उसमें फीड डाटा की जांच की गई। विकास आनंद के मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप में कोई संदिग्ध सामग्री सामने नहीं आई है। उसे धोखाधड़ी की धाराओं में जेल भेजा जा रहा है।
एसएसपी ने बताया कि विकास के पास से मिले पासपोर्ट दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कालोनी क्षेत्र में स्थित एक फ्रेंचाइजी कंपनी के आफिस से चुराए गए हैं। ये कंपनी विदेशों में मजदूर भेजने का कार्य करती है। कंपनी के संचालकों से विवाद के बाद विकास ने ये पासपोर्ट चुराए और भाग आया।
बिहार के मीरपुर जनपद के गोपालगंज के थाना हथुआ निवासी विकास आनंद 2013 में दिल्ली की फ्रेंचाइजी के माध्यम से दुबई में काम करने गया था। बहन की शादी में छुट्टी नहीं मिली तो नौकरी छोड़कर आ गया। इसके बाद उसने दिल्ली स्थित न्यू फ्रेंड्स कालोनी इलाके में प्रिंस टूर एंड ट्रैवल्स, गोल्डन टूर एंड ट्रैवल्स के संचालक हिमांशू, बिस्मल्लाह और जावेद अख्तर के यहां काम किया।
उसका कार्य दुबई की कंस्ट्रक्शन कंपनी और ओमान गैस प्लांट में पाइप लाइन बिछाने के लिए जरूरत के हिसाब से मजदूरों और अन्य पदों पर नौकरी के लिए भारत से युवकों को भर्ती करना था। इस पर प्रति व्यक्ति के हिसाब से उसे 15 से 45 हजार तक का कमीशन मिलता। आठ माह पूर्व उसका संचालकों से विवाद हुआ तो वह वहां से विदेश में नौकरी के लिए प्रतीक्षारत दो सौ से अधिक लोगों के पासपोर्ट उठा लाया। मामले में न्यू फ्रेंड्स कालोनी थाने में विकास आनंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है।
उसका इरादा इन लोगों से संपर्क कर दुबई, ओमान भेजने के नाम पर उनसे मोटा कमीशन कमाना था। इसी के साथ उसने छाता क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल में बीबीए पाठ्यक्रम में दाखिला भी ले लिया। हास्टल के कमरे से ही वह अपना काम करता था। इसी के चलते वह हास्टल में रहने वाले छात्रों से विदेशों की अधिक बातें करता।
एसएसपी ने बताया कि उसके पास से सात वीजा, नौ लोगों के नियुक्ति प्रमाणपत्र, आठ सिमकार्ड, विदेशी कंपनियों की मुहर, लैपटॉप, कंप्यूटर, मोडम, टेलीफोन, पेन ड्राइव भी बरामद की गई है।
60 पासपोर्ट पश्चिम बंगाल के
विकास आनंद से बरामद पासपोर्ट की जांच में उनमें से 60 पश्चिम बंगाल के पते के पाए गए। उड़ीसा के तीन, उत्तर प्रदेश के 27, बिहार के 26, राजस्थान के पांच, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक और दिल्ली के एक-एक व्यक्ति के पासपोर्ट मिले हैं। विकास के पिता कोलकाता में क्रेन ऑपरेटर हैं। वह भी उसके पास विदेशों में मजदूरी करने जाने के इच्छुक लोगों को पासपोर्ट आदि बनवाने को भेजते थे।
दिल्ली पुलिस को दी जानकारी
एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि विकास के बारे में दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कालोनी थाना पुलिस को सूचना दी गई है। छाता से पुलिस टीम जाकर विदेश में नौकरी लगवाने वाली कंपनी के संचालकों से पूछताछ करेगी, जहां विकास ने नौकरी की थी।