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Mathura News: खतरे के निशान से पार पहुंचा यमुना का जलस्तर

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मथुरा। ट्यूब पर सामान लादकर सुर_क्षित स्थान पर जाते जयसिंहपुरा के लोग।  - फोटो : mathura
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मथुरा। बीते दिनों से लगातार यमुना का जलस्तर बढ़ने से शनिवार को यह खतरे के निशान को पार कर गया। इससे कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। घरों में तीन-तीन फीट पानी भर गया है। दर्जनों लोग अपने-अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तरफ रुख कर रहे हैं। शनिवार को जयसिंहपुरा में पानी घुसने पर लोग ट्यूब पर बैठकर निकले। क्षेत्रीय पार्षद राकेश भाटिया समेत प्रशासन की टीम लोगों की मदद में जुटी रही।
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शुक्रवार शाम को प्रयाग घाट का यमुना जलस्तर 165.70 मीटर था, जो 24 घंटे में 44 सेंटीमीटर बढ़कर खतरे के निशान 166 मीटर को पार कर गया। शनिवार शाम को प्रयाग घाट का जलस्तर 166.14 मीटर दर्ज किया गया है। सिंचाई विभाग अपर खंड के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि शनिवार शाम को हथिनीकुंड से 50141 क्यूसेक और ओखला से 52081 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि गोकुल बैराज से 96214 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। जलस्तर बढ़ने से यमुना से सटे जयसिंहपुरा और वृंदावन की दर्जनों कॉलोनियां समेत निचले गांव में पानी घुस गया। इससे दर्जनों क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गए। मथुरा खादर और जयसिंहपुरा में कुछ घर सुरक्षित बचे हैं।

वृंदावन में यमुना का जलस्तर फिर बढ़ा

वृंदावन। यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने के बाद वृंदावन की कई कालोनियों में संकट मंडराने लगा है। शनिवार को यमुना का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि केशीघाट की सीढ़ियां पूरी तरह से डूब गईं। जुगलघाट और शृंगारवट घाट तक परिक्रमा मार्ग के किनारे तक यमुना का पानी पहुंच गया जिससे स्थानीय निवासियों के लिए मुश्किलें बढ़ गईं। इसके चलते श्रीजी वाटिका, श्यामकुटी, मोहिनी नगर, पानीघाट, हुड़दंग नगर और आसपास की दर्जनों काॅलोनियों में घरों के अंदर पानी भर गया।
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