वृंदावन। तीर्थनगरी में एक माह से चल रहे कार्तिक मास का भक्तिभाव से समापन हुआ। प्रात: देश के विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं ने यमुना में स्नान कर पूजा अर्चना की। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने नगर की पंचकोसीय परिक्रमा लगाई।
विभिन्न संप्रदायों के भक्तों ने कार्तिक माह में नियम व्रत लिया हुआ था। नियम व्रत के अंतर्गत प्रात: यमुना स्नान कर नगर की पंचकोसीय परिक्रमा लगा मंदिरों के दर्शन किए जाते थे। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर नियम व्रत पूर्ण हुआ। देश विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने दामोदर मास में सहभागिता की।
वहीं बांके बिहारी मंदिर में भी अपने आराध्य के दर्शनों के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। शाम को बांकेबिहारी मंदिर में एक माह तक चले दीपदान का भी समापन किया गया। यमुना तट व जगह-जगह मंदिरों में दीपदान किया गया। इसके अलावा राधा दामोदर मंदिर में शाम को रास पूर्णिमा के अवसर पर राधादामोदर महाराज ने सखियों संग महारास के दर्शन दिए। जैसे ही मंदिर के पट खुले देशी विदेशी हजारों श्रद्धालु राधा दामोदर दास की जय जयकार करने लगे। भक्तों ने मंदिर में चरण शिला की परिक्रमा कर दीपदान किया।
रास पूर्णिमा पर गोपीनाथ मंदिर, मदनमोहन जी, राधारमण जी, श्यामसुंदर आदि मंदिरों में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। कृष्ण बलराम इस्कॉन मंदिर में विशेष फूल बंगला व जरी की विशेष पोशाक भगवान को धारण कराई गई। राधावल्लभ मंदिर, सनेह बिहारी मंदिर, रंगनाथ मंदिर, प्रेम मंदिर, यशोदानंदन धाम सहित अन्य सभी मंदिरों में विभिन्न आयोजनों के साथ कार्तिक मास का समापन किया गया।
कार्तिक पूर्णिमा पर दीपों की ज्योति में जग-मग श्रीकृष्ण-जन्मस्थान स्थित भागवत-भवन .......- फोटो : MATHURA