फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़ा खतरा टला, अब आहिस्ता-आहिस्ता बढ़ रही यमुना

विज्ञापन
मथुरा। यमुना के उफान का भयाभय दृश्य। - फोटो : MATHURA
विज्ञापन
मथुरा। यमुना में बाढ़ का बड़ा खतरा फिलहाल टलता नजर आ रहा है। ताजेवाला से छोड़े गए 8.28 क्यूसेक पानी की रफ्तार मथुरा तक पहुंचे-पहुंचे मंद पड़ गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान यमुना के जल स्तर पर सिर्फ 21 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज हुई है, जो प्रयागघाट पर 165.31 मीटर दर्ज हुआ है। इस स्थिति में भी यमुना से प्रभावित क्षेत्र और संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कमिश्नर मथुरा पहुंचे।
विज्ञापन

18 अगस्त को शाम छह बजे ताजेवाला से छोड़ा गया 8.28 क्यूसेक पानी दिल्ली में ओखला बैराज पर अधिकतम 1.86 लाख क्यूसेक तक पहुंचकर ठहर गया। इसका असर गुरुवार को शाम चार बजे मथुरा में गोकुल बैराज पर 59747 क्यूसेक डिस्चार्ज के रूप में नजर आया। संभावना जताई जा रही है कि शुक्रवार को दोपहर तक पानी में वृद्धि होगी। इसके बाद शाम को यमुना का जल स्तर फिर ठहराव की ओर नजर आएगा। ताजेवाला और औखला से फिलहाल कोई अतिरिक्त पानी नहीं छोड़ा जाता है तो आगामी दो-तीन दिन में सब कुछ सामान्य हो जाएगा।
हालांकि इस स्थिति में भी मांट तहसील के गांवों में यमुना के पानी को देखने के लिए कमिश्नर अनिल कुमार पानी गांव, बेगमपुर पहुंचे। यहां लोगों को गांव से बाहर निकालकर ठहराने की हुई व्यवस्थाओं का उन्होंने जायजा लिया। डीएम सर्वज्ञराम मिश्र को दिशानिर्देश भी दिए।
विज्ञापन

यमुना का जल स्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। शुक्रवार को भी इसमें इजाफा होगा। इस दौरान यमुना खतरे के निशान के करीब तक पहुंच सकती है। ऊपरी क्षेत्रों में फिलहाल बरसात नहीं हुई तो आगामी दो दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएंगे। बाढ़ की संभावनाओं को ध्यान रखते हुए प्रशासन पूरी तैयारियों जुटा है। पल-पल पानी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। कमिश्नर आगरा ने भी तैयारियों का जायजा लिया है।
ब्रजेश कुमार, एडीएम वित्त, प्रभारी अधिकारी आपदा
बाढ़ चौकियों से अधिकारी नदारद
यमुना में आई बाढ़ से बचाव व राहत के लिए प्रशासन ने नौहझील क्षेत्र में तीन बाढ़ राहत चौकियां स्थापित की हैं। गुरुवार को नानकपुर, झाड़ी हनुमान मंदिर से अधिकारी नदारद रहे। नौहझील क्षेत्र में यमुना के जलस्तर में 24 घंटे के दौरान मामूली की बढ़त दिखाई दी। हालांकि अड्डा बाघर्रा, मरहला मुक्खा, देदना, छिनपारई, दौलतपुर, फिरोजपुर व अड्डा मीणा में अधिकांश फसल पानी में डूब चुकीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें