यह निर्णय इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा 22 मई 2026 को दिए गए निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। इसका उद्देश्य एक्सप्रेस-वे पर यातायात को सुरक्षित, सुचारु एवं निर्बाध बनाए रखना है, ताकि यात्रियों और वाणिज्यिक वाहनों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
ये भी पढ़ें - गोवर्धन में दर्दनाक हादसा: मानसी गंगा में स्नान के दौरान 11 वर्षीय बालक की डूबने से मौत, परिवार में मचा कोहराम
यमुना एक्सप्रेस-वे के एजीएम भरत सिंह राठौर ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस-वे देश के प्रमुख एवं व्यस्ततम मार्गों में से एक है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच आवागमन करते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन से यातायात बाधित होने और यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका रहती है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।
ये भी पढ़ें - Mathura: प्रचंड गर्मी से लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था, ओवरलोडिंग के चलते अंधेरे में डूबा शहर; अघोषित कटौती ने किया बुरा हाल
उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मथुरा जनपद में यमुना एक्सप्रेस-वे का लगभग 82 किलोमीटर क्षेत्र इस आदेश के दायरे में आता है। आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति या संगठन प्रतिबंध का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें - Mathura: कोसीकलां में हाईवे पर हर कदम पर खतरा, टूटे स्लैब और जर्जर सड़क से लोग परेशान