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ब्रज में कृष्ण की पटरानी के जन्मोत्सव का उल्लास

Wed, 25 Mar 2015 11:59 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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ब्रज में यमुना सिर्फ एक नदी नहीं आस्था का सागर है। इस वैतरिणी के कूल पर कन्हैया की क्रीड़ाओं के निशान, भाव भरी गोपियों की गाथाएं और बरसाने वाली के संग नंदलाल की लीलाएं बसती हैं। कृष्णप्रिया कालिंदी के जन्मोत्सव को सभी यमुना छठ के रूप में मनाते हैं। बुधवार को इसी अवसर पर ब्रजवासियों ने अपने आराध्य की पटरानी का विविध तरीकों से पूजन किया। जिनमें घाट पर सैकड़ों दीपों से महाआरती, दुग्धाभिषेक और नगर में शोभायात्रा के अलावा यमुना मैया को चुनरी ओढ़ाना विशेष रहा। विभिन्न संस्थाओं ने छप्पन भोग के आयोजन भी किए।
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श्रीमाथुर चतुर्वेद परिषद के तत्वावधान में सुबह नौ बजे विश्राम घाट पर मुख्य संरक्षक महेश पाठक के नेतृत्व में यमुना का दुग्धाभिषेक किया गया। शाम चार बजे भव्य शोभायात्रा निकाली गई। होली दरवाजा व्यवसायी समिति ने इसका स्वागत किया। इसमें सर्वप्रथम गणेशजी की सवारी, झांकियों पर मंचन कर रहे कलाकार आकर्षण का केंद्र रहे। नफीरी के साथ यमुना महारानी के डोले के दर्शन की होड़ मची थी। शाम को विश्राम घाट पर महाआरती और दीपदान के साथ छप्पन भोग का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मदन मोहन श्रीवास्तव, राजेंद्र मोहन, विजय शर्मा आदि मौजूद थे। शोभायात्रा में विधायक राजकुमार रावत, दिनेश पाठक, गोपेश्वरनाथ, गिरधारी लाल पाठक आदि थे।

श्रीकालिंदी सेवा संस्थान ने डीगगेट से भव्य शोभायात्रा निकाली। इसमें महिलाएं सिर पर कलश लेकर चल रही थीं। असकुंडा घाट पर यमुना को चुनरी ओढ़ाई गई। छप्पन भोग और 551 दीपकों से महाआरती की। इस अवसर पर संस्थापक रामजी आचार्य, राधा बिहारी गोस्वामी, विशन चंद्र, महंत राधाकांत गोस्वामी आदि उपस्थित थे। तीर्थ पुरोहित महासंघ के बैनर तले वृंदावन, गोकुल के तटों पर यमुना का पूजन किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री प्रयागनाथ चतुर्वेदी, मोहन लाल प्रेमी आदि मौजूद थे।
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श्रीजी पीठ के तत्वाधान में यमुना का पूजन और अर्चन ठाकुर बाबा महाराज के सानिध्य में हुआ। श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान के तत्वावधान में 251 महिलाएं मंगल कलश के साथ सुबह 8 बजे श्रीकेशवदेव मंदिर से अविरल और निर्मल यमुना के संकल्प के साथ निकलीं। यात्रा का समापन विश्राम घाट पर यमुना-पूजन के साथ हुआ। संस्थान की ओर से गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, विजय बहादुर, राजीव श्रीवास्तव आदि थे। वहीं कृष्णगंगा घाट पर दूर-दराज से आए साधु-संतों ने स्नान किया। यमुना स्वच्छता के लिए विभिन्न माध्यमों से 108 लोगों को जोड़ने का संकल्प लिया। शाम को जनजागरूकता रैली निकाली। इस अवसर पर महामंडलेश्वर नवल गिरि महाराज, यमुना रक्षक दल के जय कृष्णदास, आनंद गोपालदास आदि ने विचार रखे।
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