यमुना भक्तों की एनजीटी के फैसले पर नजर
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यमुना को जहरीला बना रहीं शहर में संचालित औद्योगिक इकाइयों के मसले पर सोमवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में सुनवाई होनी है। केंद्रीय, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित डीएम और राज्य सरकार को इस मामले में अपना पक्ष रखना है।
शहर में संचालित चांदी से जुड़े उद्योग से बडे़ पैमाने पर जहरीले रसायन निकलते हैं तो यमुना को जहरीला बना रहे हैं। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्तर से इसकी निगरानी में बरती जा रही लापरवाही यमुना में जलचरों के जीवन पर भारी पड़ रही है। अफसरों की मिलीभगत से शहर में यह उद्योग अवैध रूप से बडे़ स्तर संचालित हो रहा है। इसमें टैक्स की चोरी भी शामिल है।
इसके खिलाफ कांतानाथ चतुर्वेदी की एनजीटी में याचिका दायर की है। इस पर सोमवार को सुनवाई होने जा रही है। इसमें राज्य सरकार और डीएम सहित केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनजीटी ने जवाब मांगा है।