सावन के पहले सोमवार को योगेश्वर श्रीकृष्ण की नगरी बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठी। सुबह से ही शहर के प्रमुख शिवालयों में भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी। हर कोई अपने आराध्य को मनाने के लिए बेल पत्र, धतूरा, फूल, माला लेकर पहुंचा। सभी शिव परिवार का दुग्धाभिषेक करने के लिए लालायित दिखे।
शहर के प्रमुख मंदिर रंगेश्वर महादेव, भूतेश्वर महादेव, गर्ल्तेश्वर महादेव और गोकरणनाथ महादेव मंदिर में सुबह से भक्तों की ऐसी भीड़ हो गई कि पैर रखने की जगह नहीं बची। इस अवसर पर शिवालयों को विद्युतीय झालरों से सजाया गया।
पुलिस का रहा पहरा
श्रावण मास के पहले सोमवार के चलते शिवालयों पर सुबह से पुलिस के जवान मुस्तैद दिखे। यहां आने वाली महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए गए।
छोटे शिव मंदिरों में भी रही भीड़
शहर के प्रमुख मंदिर दूर होने के कारण गली-मोहल्लों में बने शिव मंदिरों में भी भक्तों की खासी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने सुबह ही नजदीक के मंदिर में पहुंचकर शिवजी का दुग्धाभिषेक किया। शाम के समय यही भक्त शहर के प्रमुख मंदिरों में दर्शन और आरती के लिए पहुंचे।
शिवमय हुई श्रीकृष्ण की क्रीड़ा भूमि
सावन के पहले सोमवार को भगवान कृष्ण की क्रीड़ा भूमि शिवमय हो गई। श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना और दुग्धाभिषेक किया। परंपरा के अनुरूप सावन के सोमवार पर व्रत का निर्वहन भी किया।
नगर के प्रमुख गोपेश्वर मंदिर में बाहरी श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों ने भी भगवान शिव की उपासना की। सायंकाल मंदिर में भव्य फूलबंगला सजाया। इसके बाद भजन संध्या का आयोजन भी हुआ। वनखंडेश्वर महादेव सहित नगर के बजाजेश्वर, रेतेश्वर, टालेश्वर, बिहारेश्वर आदि देवालयों पर भक्तों की भीड़ रही।