पूरे माल की कीमत करीब 50 लाख थी। रास्ते में उसकी नीयत खराब हो गई। उसने आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र के कलाल खेरिया निवासी अपने भाई आजाद गोला और मोहित गोला को फोन करके बरेली बुलाया। यहां माल हड़पने की योजना बनाई। देवेश ने भाइयों को नकदी और जेवरात देकर फरार कर दिया। वहां से लौटने के बाद मालिक को जहरखुरानी का शिकार होने की झूठी कहानी सुना दी।
मामले में अंकित ने कोतवाली में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया। जांच टीम ने सर्विलांस की मदद से पता किया तो वारदात वाले दिन तीनों भाइयों के मोबाइल की लोकेशन बरेली में एक ही स्थान पर मिली। शनिवार को पुलिस ने देवेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पहले तो वह घुमाता रहा, लेकिन थोड़ा कड़ाई करने पर टूट गया। पूछताछ में उसने अपने भाइयों के साथ मिलकर नकदी और जेवरात चोरी पार करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर गायब माल और नकदी बरामद कर ली। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।