मथुरा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों को लागू करने के लिए जनजागरूकता के लिए सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने सभी उपस्थित प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाएं भ्रूण हत्या व लिंग जांच न कराने का संकल्प लें।
महिलाओं के सम्मान एवं उनकी सफलता से संबंधित कई उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि महिलाएं बेटा हो या बेटी सबको एक समान समझें। पीसीपीएनडीटी के नोडल डॉ. देवेंद्र अग्रवाल ने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 के अंतर्गत सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को पंजीकृत कराना आवश्यक है। लिंग चयन या लिंग परीक्षण कराना कानूनन अपराध है, जिसके लिए सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है।
कार्यक्रम का संचालन जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी जितेंद्र सिंह ने किया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक संजय सिहोरिया, फॉगसी की अध्यक्ष डॉ. वर्षा तिवारी, सचिव डॉ. ज्योति अग्रवाल, आईआरआईए की सचिव डॉ. रूपा गोपाल एवं डॉ. नीता जैन ने भी विचार रखें। इस अवसर पर जिला महिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. बीडी भास्कर, जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. मुकुंद बंसल, डॉ. पीके गुप्ता, डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. मानपाल, डॉ. चित्रेश, भारत भूषण, दिव्या चौहान, कुलदीप व मुकेश आदि उपस्थित रहे।