मानसिक रूप से विक्षिप्त एक महिला दिवाली की रात सिर पर पुआल लेकर घूम रही थी। इसी दौरान दीये से पुआल में आग गई । महिला भागती हुई करब केढेर में घुस गई। देखते ही देखते महिला आग में जिंदा जल गई।
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बिहार के अरहेरिया जिले के थाना नृपतगंज के गांव मिरतौल के रहने वाले रमेश ऋषि पांच साल पहले अपने परिवार के साथ मथुरा आए थे। पैगांव के जनाचौलिया थोक में खाली मकान में रहकर मजदूरी करने लगे। छह महीने पहले रमेश की पत्नी रेखा (32) की तबीयत खराब हो गई। ग्रामीणों के सहयोग से रमेश ने अपनी पत्नी के पेट का ऑपरेशन कराया था। इसके बाद रेखा मानसिक रूप से बीमार (विक्षिप्त) हो गई। वह अक्सर घर से निकल जाती थी।
सोमवार दिवाली की रात को रेखा चुपचाप घर से निकल गई। रमेश घर पर अपने दो बेटे और तीन बेटियों के साथ सोते रहे। रेखा गांव में इधर-उधर काफी देर तक घूमते हुए देखी गई। थाना प्रभारी सोनू कुमार ने बताया कि वह रात को धान के पुआल का बंडल सिर पर रखकर घूम रही थी और दीपक से उसमें आग लग गई। इसके बाद वह करब के ढेर में घुस गई। इससे करब में आग लग गई। करब में आग लगने पर ग्रामीण पहुंचे और आग को बुझाया। पुलिस झुलसी महिला को जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उस वक्त पुलिस को महिला की पहचान के बारे में कुछ भी पता नहीं था। पहचान के लिए पुलिस ने आसपास और ईंट भठ्ठों पर जानकारी की। दोपहर बाद तक जब रेखा घर नहीं पहुंची तो रमेश तलाश करने के लिए निकल पड़े। रमेश ने पुलिस से भी संपर्क किया तो रमेश को जिला अस्पताल लाया गया। रमेश ने शव की पहचान अपनी पत्नी के रूप में की। शाम को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करने के बाद पति की सुपुर्दगी में सौंप दिया।