राधा कुंड में डुबकी लगाकर संतान की कामना
- मनोकामना पूर्ण होने पर भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे स्नान करने, रात 12 बजे शुरू हुआ महास्नान
संवाद न्यूज एजेंसी
राधाकुंड। अधरों पर राधा नाम। मन में संतान सुख और मोक्ष की चाह। कुछ इसी कामना लेकर बड़ी संख्या में निसंतान दंपतियों ने राधा कुंड में अहोई अष्टमी के महास्नान में आस्था की डुबकी लगाई। ठीक 12 बजे श्रीराधा कृपा कटाक्ष के स्वरों के बीच महास्नान शुरू हुआ। फिर क्या था आस्था रूपी संगम में डुबकी की होड़ लगने की होड़ मच गई। किसी ने एक तो किसी ने तीन डुबकी लगाई। जिधर देखो उधर भक्ति की चादर लिपटे श्रद्धालु श्रीराधा का नाम जपते दिखे।
राधा कुंड बड़ी संख्या में ऐसे भी भक्तों ने स्नान किया जिनकी मनोकामना पूरी हो गई थी। अहोई अष्टमी के महास्नान के लिए रविवार सुबह से राधा रानी के घाटों पर दंपती जुटने लगे। शाम होते-होते पूरा कुंड श्रद्धालु मय हो गया। जिधर देखो उधर, राधा नाम का जप। अर्द्धरात्रि में स्नान शुुरू होते ही राधा रानी के जय घोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। वहीं कार्तिक नियम सेवा में ब्रजवास कर रहे भक्तों ने रात दो बजे के बाद आस्था की डुबकी लगाई। इससे पूर्व दंपतियों ने गिर्राज महाराज की परिक्रमा करते हुए राधारानी कुंड पर पहुंचे स्नान से पूर्व दीपदान किया गया। पूरी रात मंदिर और आश्रमों में धार्मिक आयोजन। भोपाल(मध्य प्रदेश) से आई मंजू शर्मा ने बताया राधा रानी की विशेष कृपा से हमारे पुत्र को पुत्र की प्राप्ति हुई है।
संतान की लंबी आयु के लिए की पूजा
राधाकुंड। अहोई अष्टमी पर्व संतान सुख से जुड़ा पर्व है। राधाकुंड में यह पर्व राधा कृष्ण की भक्त से जुड़ा माना जाता है। इसका व्रत संतान की लंबी आयु व संतान प्राप्ति की मंशा से किया जाता है। महिलाओं ने संतान की लंबी आयु की कामना के साथ माता होई देवी का विधि विधान के साथ पूजा की। भगवान शिव व माता पार्वती और उनके पुत्रों की पूजा की। महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा। शाम के समय आकाश में तारे देखने के पश्चात अर्घ्य दिया। राधाकुंड की रहने वाली मंजू जोशी, अनुराधा मिश्रा ने बताया व्रत करने से राधा रानी की कृपा से आनंद की अनुभूति प्राप्त होती है।
दो दिन लगी राधारानी कुंड में डुबकी
राधाकुंड। अहोई अष्टमी पर्व पर शनिवार रात्रि 12 बजे और महास्नान रविवार की रात्रि 12 बजे प्रारंभ हुआ। 2 दिन श्रद्धालुओं ने राधाकुंड में डुबकी लगाई। शनिवार की रात 12 बजे करीब 25 हजार भक्तों ने डुबकी लगाकर मनोकामना मांगी। रविवार के दिन महास्नान के दौरान रात्रि 12 बजे यह श्रद्धालुओं की भीड़ हजारों में बदल गई। रात्रि 12 बजे से सोमवार सुबह 7 बजे तक स्नान करने वालों का तांता लगा रहा।
राधे राधे की भक्ति में डूबे लोग
हाथ में माला झोली मुख पर राधा नाम लिए भक्तों ने राधा श्याम कुंड परिक्रमा लगाई हरि नाम संकीर्तन के बीच भक्तों की टोली उत्साह के साथ नाचते गाते परिक्रमा लगा रही थी। राधा कुंड की सजावट और भक्ति के गीतों ने सभी आने वाले श्रद्धालुओं का मन मोह लिया श्रद्धालु राधे की भक्ति में डूबे नजर आए।
बनाए गए चार स्वागत द्वार
अहोई अष्टमी मेले के लिए नगर पंचायत की ओर से स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए गए। 18 मुख्य स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। राधा कुुंड दो नावें, भव्य सजावट, चार स्वागत द्वार, 4 सेल्फी प्वाइंट, खोया पाया केंद्र बनाया गया। यह जानकारी गोवर्धन एसडीएम मंयक गोस्वामी द्वारा दी गई। वहीं चिकित्सा विभाग द्वारा मेला क्षेत्र में कैंप लगाकर अहोई अष्टमी स्नान करने को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सेवा के पुख्ता इंतजाम किए गए।
विधायक, अध्यक्ष ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा
क्षेत्रीय विधायक ठाकुर मेघश्याम सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष रामफल ने अहोई अष्टमी मेले के दौरान की गई व्यवस्थाओं का प्वाइंटों पर पहुंचकर निरीक्षण किया। अधिकारियों को निर्देश दिया मेला व्यवस्था में स्नान करने को आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरीके की कोई परेशानी ना हो और उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाए।
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पुलिसकर्मियों ने की अभद्रता
राधाकुंड। अहोई अष्टमी मेला में सुरक्षा के लिए अन्य जनपदों से भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इन्होंने स्थानीय लोगों के मना करने के बावजूद भी जूते चप्पल पहनकर राधारानी के घाट और नावों में घूमते दिखाई दिए। नगर पंचायत सभासद दिनेश शर्मा ने इस बाबत में मना किया तो पुलिस कर्मियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। संवाद
माताओं ने रखा निर्जला व्रत
राधाकुंड। बच्चों और परिवार से दूर राधा कुंड में रह रहीं निराश्रित माताओं ने अहोई अष्टमी के अवसर पर निर्जला व्रत रखकर बच्चों की दीर्घायु की कामना की। कोलकाता निवासी दुलारी विश्वास (60) पति के देहांत होने के बाद से 16 साल से भगवान भजन आश्रम में रह कर कीर्तन करतीं हैं। चार बेटियों और पुत्र के लिए आज भी उनकी आंखों में आंसू भर आते हैं। उन्होंने बताया वह अपने बच्चों से दूर हैं लेकिन मन में अभी बच्चों से मिलने की इच्छा रहती है। उनकी लंबी उम्र के लिए अहोई अष्टमी का निर्जला व्रत रखा। पिछले 23 वर्षों से श्रीधाम में रह रहीं नीलिमा दासी (55) निवासी ने बताया कि वह अपनी पुत्री की दीर्घायु के लिए प्रतिवर्ष अहोई अष्टमी पर स्नान कर व्रत रखती हैं। 15 साल से एक पुत्र एक पुत्री से दूर रह रहीं कविता दास निवासी नौगांव, असम भी बच्चों की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखतीं हैं। अलका दासी (65) निवासी पश्चिम बंगाल में बताया महिला आश्रय सदन में रहकर भी वह अपने तीन बेटों के लिए व्रत रखतीं हैं।