भारतीय सेना द्वारा आतंकियों को मार गिराने की खबर मिलते ही पूरे जिले में जश्न का माहौल बन गया। शहीदों की विधवाओं ने घी के दीपक जलाए। किसी ने अपने पति के स्मारक पर तो किसी ने अपने घर में दीपक जलाए। आतिशबाजी से लग रहा था कि दशहरे से पहले ही दीपावली आ गई है।
कोसीकलां के गांव शेरनगर निवासी हेमराज सीमा पर लड़ते हुए शहीद हो गए थे। बुधवार को जब हेमराज की पत्नी धर्मवती को पता चला कि भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकियों को मार गिराया है तो उन्होंने अपने पति के स्मारक पर जाकर घी का दीपक जलाया। परिवार वालों ने भी घर में दीपक जलाए।
फरह के गांव झंडीपुर निवासी बबलू भी पिछले दिनों जम्मू में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। उन्होंने कई आतंकियों को मार गिराया था। बुधवार को बबलू के परिवार वालों ने भी भारतीय सेना के इस कदम को पाकिस्तान को करारा जवाब बताते हुए खुशी जताई। शहीद के स्मारक पर दीपक जलाए गए। मुहल्ले के लोगों ने भी पहुंचकर खुशी मनाई। लोगों का कहना है कि भारतीय सेना के इस कदम से सैनिकों के परिवार वालों का सीना भी गर्व से चौड़ा हो गया है।
28 अक्तूबर 2015 को जम्मू में शहीद हुए भवनपुरा गांव निवासी समोद चौधरी के परिवार वालों ने भी शहीद स्मारक पर जाकर दीपक जलाए। भाई प्रमोद चौधरी ने कहा कि भारतीय सेना को पाकिस्तान के एक-एक आतंकी को खत्म कर देना चाहिए। जिक्र केवल इन्हीं का नहीं है, बल्कि मथुरा में जितने भी शहीदों के परिवारीजन हैं सभी ने शहीद स्मारक पर घी के दीपक जलाए। जगह-जगह खुशी मनाई गई।
नौहझील में भी जगह-जगह आतिशबाजी छोड़कर खुशी मनाई गई। चांमड़ चौराहा, बाजना चौराहा, रेतिया बाजार में जिंदाबाद के नारे गूंजते रहे। आतिशबाजी के साथ जश्न मनाया गया। यहां भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिल सोनी, भाजपा नेता मनीष जिंदल, पवन अग्रवाल, श्याम बाबू अग्रवाल, मोनू अग्रवाल, संजय सिंह, नीरज शर्मा और अमर सिंह आदि मौजूद रहे।