मथुरा। सीने में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत लेकर जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने के कारण इलाज के नाम पर सिर्फ ईसीजी जांच कर प्राथमिक इंजेक्शन लगाया जा रहा है। इसके बाद मरीजों को आगरा रेफर कर दिया जाता है।
महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट)की तैनाती न होने का खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है। सीने में दर्द से परेशान मरीज उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन यहां उनकी ईसीजी जांच के बाद जीवन रक्षक इंजेक्शन लगाकर आगरा रेफर कर दिया जाता है। वहीं सर्दी में मरीज को लेकर आगरा जाना परिजन के लिए परेशानी भरा साबित होता है। कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए सीएमएस कई बार मुख्यालय को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन मुख्यालय अभी तक चिकित्सक की तैनाती नहीं कर पाया है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि हमारे यहां ईसीजी जांच और जीवन रक्षक इंजेक्शन लगाने की व्यवस्था है। इंजेक्शन लगाने के लिए फिजिशियन डॉ. रवि माहेश्वरी, फार्मासिस्ट और नर्स को प्रशिक्षण दिलाया गया था। प्रशिक्षण के बाद यह लोग ईसीजी जांच और इंजेक्शन लगाने का कार्य कर रहे हैं। कार्डियोलॉजिस्ट की कमी से कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। चिकित्सक की तैनाती के लिए कई बार मुख्यालय को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक पत्र का संज्ञान नहीं लिया गया है।