वृंदावन। नगर में आने वाले श्रद्धालुओं को मिलावटी पेड़ा बेचा जा रहा है। डीग और धौलपुर से यहां लाकर मिलावटी पेड़े खपाए जा रहे हैं। पेड़े की साख पर सवाल उठने पर स्थानीय व्यवसायी भी व्यथित हैं। उनका कहना है कि मिलावटखोरों के विरुद्ध अभियान चलाकर सैंपलिंग अब जरूरी हो गई है। श्रीबांकेबिहारी मंदिर सहित नगर के प्रमुख मंदिरों के आसपास अधिकांश दुकानों पर मिलावटी पेड़ा मोटा मुनाफा कमाने के कारण बेचा जा रहा है। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के चेयरमैन धनेंद्र अग्रवाल का कहना है कि ने बताया कि डीग व धौलपुर में कई व्यापारी हैं, जोकि वृंदावन में खपाने के लिए ही 100 रुपये किलो पेड़ा बेच रहे हैं। स्थानीय दुकानदार इनसे खरीदारी कर रहे हैं। वजन बढ़ाने के लिए बूरा, आटा, मैदा व रिफाइंड डालकर पेड़ा तैयार कर 400 रुपये प्रति किलो बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। उनका कहना है कि संगठन ने पूर्व में भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन नतीजा नहीं निकला।
नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष आलोक बंसल ने बताया कि पेड़े में मिलावट से आस्था को भी चोट पहुंच रही है, क्योंकि पेड़े का मूल स्वरूप और स्वाद खोए से है, लेकिन खोआ ही मिलावटी और सिंथेटिक दूध का तैयार किया जा रहा है। रही सही कसर अन्य मिलावट करके पूरी की जा रही है। उन्होंने बताया कि संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही डीएम से मिलेगा और मथुरा के पेड़े की छवि को धूमिल करने वाले मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।