मथुरा। किसानों के हाथ का अंगूठा लगाकर उसकी पहचान करने वाली ई-पॉप मशीन सभी केंद्रों पर नहीं पहुंच सकी हैं। 83 क्रय केंद्रों में से केवल 40 क्रय केंद्रों पर ही यह पहुंची हैं। उधर विपणन विभाग गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की अन्य आवश्यकताएं पूरी कर ली हैं।जनपद में खाद्य एवं विपणन विभाग ने गेहूं खरीद के लिए 83 क्रय केंद्र तैयार किए हैं, जिनमें से विपणन शाखा के 8 केंद्र, भारतीय खाद्य निगम का एक क्रय केंद्र, प्रदेश कोऑपरेटिव
यूनियन के 10 क्रय केंद्र, प्रदेश कोऑपरेटिव फेडरेशन के 64 क्रय केंद्र मौजूद हैं। गेहूं बिक्री में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार द्वारा ई-पॉप मशीन सिस्टम लागू किया गया है। जिसके तहत क्रय केंद्र पर आने वाले किसान अपना हाथ का अंगूठा लगाकर गेहूं की बिक्री करता है। खाद्य एवं विपणन विभाग ने 85 ई-पॉप मशीन मंगाई हैं, जिनमें से 40 मशीनों को अपग्रेड किया गया है। डिप्टी आरएमओ संतोष यादव ने बताया कि अन्य ई-पॉप मशीनों को अपग्रेड किया जा रहा है। जिसके बाद क्रय केंद्रों पर भेज दिया जाएगा।
नहीं है किसानों का गेहूं रखने की व्यवस्था
किसानों के बिक्री के लिए आने वाले गेहूं की क्रय केंद्रों पर बारिश से बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। चार क्रय केंद्र मंडी समिति के अंदर बनाए गए हैं यहां पर सात नीलामी चबूतरों पर गलत तरीके से मंडी समिति ने व्यापारियों को वितरित किया हुआ है। जिसके चलते आने वाले किसानों को अपना गेहूं खुले में रखना होगा।
हम मंडी में कराएंगे नीलामी चबूतरा खाली
मंडी में जो नीलामी चबूतरा किसानों को गेहूं रखने लिए बने हैं। उनको खाली कराएंगे, ताकि चार क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों का अनाज बारिश से सुरक्षित रह सके। इसके लिए हम उच्चाधिकारियों से बात करेंगे।
-संतोष यादव, डिप्टी आरएमओ