शेरगढ़ के गांव रान्हेरा में बिछी पड़ी गेहूं की फसल ।
छाता। प्रकृति की मार से क्षेत्र के किसान परेशान हैं। मार्च में बारिश और आंधी के कारण फसलें खेतों में बिछ गई हैं। हालांकि पहली बार बारिश के बाद किसानों को थोड़ी नुकसान की आशंका थी, लेकिन यहीं आंशका अब बड़े नुकसान के डर में बदल गई है। खेतों में बिछी फसलों पर फिर से बारिश हो जाने के कारण अब गेहूं की बालियां काली पड़ने लगी हैं। किसानों ने जल्द से जल्द प्रशासन से सर्वे कराने की मांग की है। किसान देशराज सिंह ने बताया कि पहले हुई बारिश से फसल खेतों में बिछ गई। इसके बाद फिर से बारिश हुई, जिससे खेतों में पानी भर गया और गेहूं की बालियां काली पड़ने लगीं। दाना खराब होने के बाद मंडी तो छोड़िए कहीं भी फसल बेची नहीं जा सकेगी। कस्बे के हरिओम, ओमप्रकाश, वीरपाल सिंह, चंदन, अमरी, दुर्गी, नारायण सिंह, संतोष कुमार, हरे कृष्ण, राजवीर, पप्पू आदि किसानों ने कहा कि तहसील स्तर पर लेखपालों और कृषि विभाग की टीम भेजकर नष्ट हुई फसलों का सर्वे कराया जाए।