टैंक चौराहे पर छाये काले बादल।
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मथुरा। बुधवार को अचानक आसमान में धुंध छाने से सूरज की तपिश कमजोर पड़ गई। धूल भरी तेज हवाओं के झोंके से तापमान के तेवर भी नरम पड़ गए गए। एक डिग्री की तापमान में गिरावट दर्ज हो गई। इससे कुछ हद तक लोगों ने राहत की भी सांस ली। वहीं, कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई।
पिछले चार दिन से सूरज से बरस रही आग ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया था। जीव-जंतु सभी व्याकुल हो गए। बुधवार को मौसम में थोड़ी नरमी देखने को मिली। सुबह से ही धूल भरी आंधी का दौर शुरू हो गया। इससे सूरज की तपिश कमजोर पड़ गई। कभी तेज हवाएं तो कभी धूल भरी आंधी ने गर्मी का असर कम कर दिया।
दिन का तापमान राया कृषि अनुसंधान केंद्र पर 46 डिग्री और फरह स्थित बकरी अनुसंधान संस्थान पर 47 डिग्री दर्ज हुआ है, जो चार दिनों के बाद एक से डेढ़ डिग्री सेल्सियस कम रहा। खासकर शाम को तो बादल छाने से मौसम और भी ठंडा हो गया। हालांकि कुछ इलाकों में इससे बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई है। पेड़ भी टूट गए।
टिड्डी दल से सतर्कता बढ़ी
मथुरा। राजस्थान से एक बार फिर आगरा की ओर आ रहे टिड्डी दल को लेकर जनपद में सतर्कता बढ़ गई है। राजस्थान और आगरा से सटे इलाकों में किसानों को सतर्क किया गया है। कृषि विभाग के अधिकारी टिड्डी दल की प्रत्येक गतिविधि पर नजर लगाए हैं। उप निदेशक कृषि धुरेंद्र कुमार ने बताया कि मथुरा में टिड्डी दल के आने की संभावना बहुत कम है। फिर भी सतर्कता बरती जा रही है।