मथुरा। आंधी-बारिश ने शुक्रवार शाम और देर रात जिले में जमकर तबाही मचाई। जनपद में 700 से अधिक बिजली के पोल टूट गए। इनमें 80 से अधिक ऐसे पोल थे, जिन पर ट्रांसफार्मर रखे थे। विद्युत पोल टूटने से जनपद रातभर अंधकार में डूबा रहा। विद्युत विभाग की सौ से अधिक टीमें मरम्मत के कार्य में लगीं रहीं।
शनिवार शाम तेज अंधड़ के साथ आई बरसात ने जनपद की विद्युत व्यवस्था को ठप कर दिया। आंधी के कारण कई जगह बिजली के खंभे और पेड़ टूट गए। इससे मथुरा शहर व ग्रामीण अंचल की बिजली गुल हो गई। मथुरा शहर में ही सैकड़ों पोल गिर गए। विद्युत कर्मचारी विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे रहे। कई जगह दुकानों के टीन शेड उड़ गए।
लकड़ी के खोखे, होर्डिंग, बैनर आदि क्षतिग्रस्त हो गए। रास्ते में गिरे पेड़ों से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। एसई शहर प्रदीप खत्री ने बताया कि शहर और वृंदावन में टूटे पोलों को ठीक कराया जा रहा है। एसई देहात विनोद कुमार गंगवार ने बताया कि देहात में 60 विद्युत उपकेंद्र हैं, जिनमें से 20 से अधिक की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। टीमें लगातार काम कर रही हैं।
राधाकुंड, राया, टैंटीगांव में जनजीवन प्रभावित
राधाकुंड/राया/टैंटीगांव। राधाकुंड में आंधी और ओलावृष्टि से आम जीवन प्रभावित हुआ। कई जगह पेड़, विद्युत खंभे और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। राया में आंधी बरसात से विद्युत पोल टूट जाने के कारण विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। रात भर अंधकार छाया रहा, इससे पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। टैंटीगांव में बारिश से ईंट भठ्ठा कारोबार को भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र में चार दर्जन से अधिक ईंट भठ्ठे हैं। इस समय ईंट भठ्ठा पर फुंकाई और पथाई का कार्य चल रहा था। बारिश से पथी कच्ची ईंट गल गई है।
30 घंटे के बाद सुचारु हो सकी शहर की विद्युत व्यवस्था
मथुरा। शहर के कई इलाकों में बिजली व्यवस्था 30 घंटे के बाद सुचारु हो सकी। आकाशवाणी सब स्टेशन से जुड़े एक दर्जन से अधिक इलाकों की बिजली शुक्रवार सुबह 5 बजे गई, जो शनिवार सुबह 10.30 बजे के बाद सुचारु हो सकी।
हाईटेंशन विद्युत लाइन का टावर गिरा
सौंख। गांव जचौंदा के पास आंधी से 132 केवीए हाईटेंशन विद्युत लाइन का टावर और 33 केवीए के करीब 20 विद्युत पोल टूट गए। स्थानीय विद्युत सबस्टेशन से जुड़े कस्बा समेत करीब दो दर्जन गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जेई अनिल गुप्ता ने बताया कि तेज आंधी से सबस्टेशन के करीब 20 खंभे गिर गए है।
कहीं उड़े टीन शेड तो कहीं मकान हुए जमींदोज
चौमुंहा। आंधी से चौमुंहा में लोगों के टिन शेड उड़ गए। कई मकानों की दीवारें गिर गईं। हाईवे स्थित फौजी ढाबा का टिन शेड उड़ कर खेतों में पहुंच गए। भगवान सिंह फौजी ने बताया कि ढाबा व पीछे बने मकान में 28 टिन शेड लगे थे। सभी उखड़ कर उड़ गए। जैंत हाईवे पर श्रीराम गार्डन के पास बनी खाद बीज की दुकान की टीन शेड उखड़ गए।
गोवर्धन में आंधी-बारिश से हुआ नुकसान
गोवर्धन। गांव जचौंदा में ताराचंद के मकान की छत टूट गई। कई लोग घायल हो गए। गांव जमुनावता में आंधी से निर्माणाधीन कुंभन दास गोशाला की दीवार टूट गई। पेड़ टूट कर गिरने से गोशाला की एक गाय की मौत हो गई। बीडीओ ब्रजबिहारी त्रिपाठी व ग्राम पंचायत सचिव कृष्ण गोपाल शर्मा ने निरीक्षण किया। पाडल व नगला केहरी में छह लोगों के मकान गिर गए हैं। 50 लोगों के टीन शेड उड़ गए। मुड़सेरस में हरवीर सिंह का पक्का मकान की दीवार गिर गई। चकलेश्वर स्थित नवग्रह वाटिका की दीवार टूट गई। पलसों में बिजेंद्र की दीवार गिर गई और बिजली के खंभा व पेड़ टूट कर गिर गये।
हाथिया में दो मकान गिरे, छह लोग घायल
बरसाना। गांव हाथिया में दो मकान गिर गए। जिसमें पांच लोग घायल हो गए। अशरफ की पक्की झोपड़ी व मकान धराशायी हो गए। मलबे के नीचे दबकर साहूनी (35) पत्नी अशरफ, स्वालिहा (10), रिजवाना (8), शाहिस्ता (7), रिजवान (3), फरहान (1) दब गए। ग्रामीणों ने मलबे में दबे घायलों को बहार निकाला अस्पताल में भर्ती कराया है।
पेड़ गिरने से टूटी मकान की दीवार
मांट। मांट क्षेत्र के बेगमपुर में गोपेश, प्रेम व पप्पू के मकानों पर पेड़ टूट कर गिर जाने से उनकी दीवारें टूट गईं, एक ग्रामीण के कमरे का पत्थर टूट कर गिर गया। वहीं गुड्डो, रामा, विजेंद्र व भगवान सिंह के घरों पर रखे टिन शेड उड़ गए।
ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट
मथुरा। शुक्रवार रात फरह क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। राया के संभागीय कृषि परीक्षण केंद्र के अनुसार अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि फरह के बकरी अनुसंधान केंद्र में अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस और न्सूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।