कुंडों के सूखने से और गहरा रहा जल संकट
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
नगर में भूगर्भ जलस्तर गिर रहा है, नगर पालिका के हैंडपंप सूख रहे हैं। पानी की किल्लत होने लगी है। आने वाले दिनों में पानी का संकट और गहराने की संभावना है। ऐसे में वृंदावन के कुंडों का भी सूख जाना और मुश्किल की ओर इशारा कर रहा है।
कुंडों के सूखने से आसपास का जलस्तर भी तेजी से गिर रहा है। हजारों की तादात में लगे सबमर्सिबल पंप से हो रहे जल दोहन के कारण भी भूमिगत जलस्तर नीचे जा रहा है।
दशकों पूर्व राजाघरानों की ओर से वृंदावन के प्रमुख मंदिरों समीप और सार्वजनिक स्थलों पर कुंड और बाबड़ियों का निर्माण कराया गया था। यह सभी वृंदावन माइनर से भरे जात थे, लेकिन कई वर्षों से माइनर ही सूखी पड़ी है।
किसी में चल रहा निर्माण, कोई कीचड़ से भरा
वृंदावन के मोतीझील स्थित मोतीझील कुंड पर पर्यटन विभाग की ओर से जीर्णोद्धार कार्य कराया जा रहा है। पिछले एक वर्ष से चल रहे इस कार्य के कारण कुंड को पानी से नहीं भरा जा रहा है। गौरा नगर कालोनी स्थित गोविंद कुंड की स्थिति बदतर हो गई है।
कालोनी के लोगाें ने अपने घरों के नाले नालियों का रुख कुंड की ओर कर दिया है। इससे कुंड कीचड़ से लबालब हो गया है। इससे दुर्गंध उठ रही है। मोतीझील क्षेत्र में स्थित प्राचीन गंगा सिंह का कुंड सूखा पड़ा है। लोगों ने इसे डलाब घर बना दिया है। कुछ लोगों ने कुंड के आसपास अतिक्रमण भी कर लिया है।