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आरओ प्लांट : भूगर्भ जल की बर्बादी, अफसर मौन

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मथुरा। कृष्णा नगर क्षेत्र में लगा आरओ प्लांट । - फोटो : MATHURA
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मथुरा। भले ही पानी के लिए हाहाकार मच रहा है, लेकिन मथुरा के पानी माफिया को इससे कुछ लेनादेना नहीं है। कान्हा की नगरी में अवैैध रूप से चल रहे करीब 200 आरओ प्लांटों से करीब 40 हजार लीटर पानी रोजाना नाली में बहाया जा रहा है और अधिकारी मौन हैं।
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शहर का एक बड़ा हिस्सा पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहा है। इसका लाभ आरओ प्लांट चला रहे लोग उठा रहे हैं। शहरभर में लगभग 200 से अधिक आरओ प्लांट हैं, जो शहर के करीब 60 प्रतिशत इलाके में पीने के पानी की सप्लाई करते हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों ने घरों में आरओ प्लांट लगाकर धंधा शुरू कर दिया है। शुद्ध पानी तैयार करने के नाम पर इन प्लांटों में रोजाना करीब 40 हजार लीटर पानी नाले और नालियों में बहाया जा रहा है।
शुद्ध पेयजल के नाम पर पानी का धंधा बढ़ता जा रहा है। बिना लाइसेंस के जिला मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर पर आरओ वॉटर प्लांट लग गए हैं। इन प्लाटों से जार में दुकानों से लेकर निजी प्रतिष्ठानों में पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन इस पानी की शुद्धता जांचने परखने वाला कोई नहीं है। नगर निगम के पास भी अभी तक इनका कोई रिकार्ड नहीं है। हालांकि निगम के अधिकारी अब सर्वे करने की बात कह रहे हैं।
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ऐसे वेस्ट होता है पानी
आरओ एक सिस्टम के तहत कार्य करता है। इसमें पानी के शुद्धीकरण के लिए रिवर्स ऑस्मोसिस की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस सिस्टम से 100 लीटर पानी में केवल 40 लीटर पानी ही शुद्ध किया जा सकता है। करीब 60 प्रतिशत पानी वेस्ट हो जाता है। आरओ प्लांट के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शहर की खपत के अनुसार हर दिन करीब 40 हजार लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। पानी की बर्बादी को रोकने के लिए प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है।
घरेलू बिजली कनेक्शनों से चल रहे आरओ प्लांट
शहर में आरओ प्लांट घरेलू बिजली कनेक्शन पर ही चलाए जा रहे हैं, जबकि बिजली का व्यावसायिक उपयोग करने पर कॉमर्शियल कनेक्शन लेना चाहिए। चूंकि अधिकांश प्लांट अवैध चल रहे हैं तो कनेक्शन को कॉमर्शियल कराने पर उन्हें अपनी फर्म के लिए भी कागज तैयार कराने होंगे और जीएसटी भी जमा करना होगा। इस सबसे बचने के लिए लोग घरेलू कनेक्शन पर ही आरओ प्लांट चला रहे हैं।
बयान
2000 टीडीएस तक पानी पीने योग्य माना गया है, इससे ऊपर टीडीएस जाने पर ही आरओ का प्रयोग कर पानी का सेवन करना चाहिए, लेकिन आरओ प्लांट से जुड़े कारोबारी 2000 टीडीएस से नीचे के पानी का शोधन कर बेच रहे हैं। इस पानी से फ्लोराइड, मैग्नीशियम, कैल्सियम और आयरन जैसे तत्व निकल जाते हैं।
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- जीएस भारद्वाज, जल प्रयोगशाला तकनीशियन, जलनिगम
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