मथुरा। पिछले 17 दिन से यमुना खतरे के निशान से लगातार ऊपर बह रही है। सोमवार को बीते 24 घंटे की तुलना में 20 सेमी की गिरावट के बावजूद प्रयागघाट पर जलस्तर 166.10 मीटर दर्ज किया गया, जो कि खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर है। हालांकि घटते जल स्तर से खादर के क्षेत्र में रह रहे लोगों ने राहत की सांस ली है। अनुमान है कि अब जलस्तर में गिरावट का दौर जारी रहेगा।
जनपद में यमुना को खतरे के निशान से ऊपर बहते हुए 17 दिन हो चुके हैं। फिलहाल जल स्तर में एक से दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की दर से गिरावट देखने को मिल रही है। ताजेवाला और ओखला बैराज पर भी पानी की स्थिति सामान्य बनी हुई है।
ताजेवाला से जहां 19 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, वहीं ओखला से यह मात्रा 40 हजार क्यूसेक है। हालांकि मथुरा में पानी का दबाव अभी भी बने होने के कारण गोकुल बैराज से आगरा के लिए 92 से 96 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यह स्थितियां खादर की कॉलोनियों में लोगों को राहत प्रदान करने वाली हैं। जयसिंहपुरा, यमुनापार, सदर, गोकुल बैराज से कोयला अलीपुर तक सभी क्षेत्रों में पानी उतर रहा है। अब गड्ढेनुमा क्षेत्र बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं।