ग्रामीण क्षेत्रों में है पेयजल संकट
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मथुरा में तो शहर में निगम द्वारा अभी तक पहली दफा नगर निगम में जुड़े गांवों की पेयजल समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है। इन गांवों को जुड़े हुए तीन वर्ष हो गए लेकिन निगम द्वारा ग्रामीणों की पेयजल समस्या का समाधान नहीं निकाला। जिसके चलते ग्रामीण आज भी हैंडपंप और खेत पर बने ट्यूबवेल से पानी भरकर लाने का मजबूर हैं।
दोनों गांवों की जनसंख्या करीब छह हजार है। धनंगाव में एक पानी की टंकी है भी तो उससे केवल गांव के कुछ हिस्से में ही सप्लाई होती है। गांव का आधे से अधिक हिस्सा प्यासा रहता है। यही हाल तारसी का है। यहां पर भी पानी की समस्या के लिए मुख्यमंत्री तक शिकायत की गई। इस संबंध में तारसी के करन ठाकुर द्वारा नगर निगम तथा डीएम को शिकायती प्रार्थनापत्र दिया गया यहां तक कि मुख्यमंत्री तक से शिकायत की लेकिन एक खराब ट्यूबवेल सही नहीं हो सका।
लोग बोले, खेत पर पानी लेने जाना पड़ता है
हमें खेत पर पानी लेने के लिए जाना पड़ता है। नगर निगम द्वारा पाइप लाइन जरूर डाली गई है लेकिन उसमें पानी नहीं आता है। गांव में भी पानी की टंकी है लेकिन उसका संचालन ठीक से नहीं होता है। जिसके चलते गांव का आधे से अधिक हिस्सा प्यासा रह जाता है।- सुनीता, धनगांव
पानी के लिए हमें इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। खराब पड़ा एक ट्यूबवेल भी निगम ठीक नहीं करा पाया है। इसके लिए निगम से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायतें कीं लेकिन कोई हल नहीं निकला। अब पता नहीं पानी की समस्या कैसे दूर होगी।- जेसम निवासी तारसी
निगम ने यदि धनगांव की पेयजल समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो पानी की समस्या विकराल हो जाएगी। संबंधित इंजीनियरों द्वारा पानी की टंकी की सप्लाई को ही यदि बढ़ा दिया जाए तो शायद पेयजल समस्या का निस्तारण हो सकता है।- धर्मेंद्र, धनगांव
दोनों गांवों की समस्या का होगा शीघ्र निस्तारण
धनगांव और तारसी में जो पानी की समस्या आ रही है हम उस समस्या के प्रति गंभीर हैं और जल्द ही समस्या का निराकरण करने का प्रयास करेंगे।
- रमेश चंद्र, जीएम जलकल