मथुरा। कोरोना संकट में राज्य सरकार गरीबों की हर संभव मदद को आगे आ रही है। इसके लिए नए राशन कार्ड बनाने और सूखे राशन की किट उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। लेकिन जनपद में 5 हजार से ज्यादा शहरी गरीब नए कार्ड और राशन किट का इंतजार ही कर रहे हैं।
25 मार्च को लॉकडाउन घोषित होते ही योगी सरकार ने गरीबों की स्थिति को भांपते हुए नए राशन कार्ड बनाने का आदेश दिया था। इन्हीं कार्डों पर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के माध्यम से नि:शुल्क राशन पहुंचाया जा रहा था। शहर और देहात में 15 हजार से ज्यादा गरीबों ने आवेदन किए। नगर निगम प्रशासन ने पार्षदों के माध्यम से जरूरतमंदों के नए राशन कार्ड के लिए आवेदन लिए।
इनका सत्यापन भी टीम गठित करते हुए कराया गया। लेकिन इनकी फीडिंग निर्धारित सॉफ्टवेयर की लिंक न मिलने के कारण संभव नहीं हो सकी। निगम ने ऐसे 5 हजार से ज्यादा आवेदन जिला आपूर्ति विभाग को सत्यापित करते हुए सौंप दिए हैं। अब तक उक्त फार्मों के आधार पर राशन कार्ड नहीं बने। ऐसे लोग कभी पार्षद के पास तो कभी पूर्ति विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। इस समस्या को लेकर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नगेंद्र सिकरवार, पार्षद हेमंत अग्रवाल ने नगर आयुक्त और जिला पूर्ति अधिकारी से वार्ता की है।
- सरकार के दिशा-निर्देश के तहत जरूरतमंद लोगों के राशन कार्ड के लिए प्राप्त आवेदनों का सत्यापन करते हुए उन्हें जिलापूर्ति विभाग को सौंप दिया गया है। इनकी फीडिंग संभव नहीं हो रही थी। इस स्थिति में इन्हें आपूर्ति विभाग को दिया गया है। - रविंद्र कुमार मांदड़, नगर आयुक्त।
- लॉकडाउन के दौरान 11 हजार से ज्यादा राशन कार्ड बनाए गए हैं, लेकिन इनकी फीडिंग विभागीय स्तर पर संभव नहीं है। इस स्थिति से डीएम को अवगत कराएंगे, जिससे इस समस्या का समाधान किया जा सके। - राघवेंद्र सिंह, डीएसओ।