मथुरा। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज आधी आबादी रूढ़िवादी विचारों की बेड़ियों से आजाद हो चुकी है। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियानों का परिणाम है कि महिलाएं न केवल शिक्षा क्षेत्र में नाम कमा रही है, सेना में भी शामिल होकर मिसाल पेश कर रही हैं। सीएम सोमवार को वृंदावन में वात्सल्य ग्राम में साध्वी ऋंतभरा के षष्ठीपूर्ति महोत्सव में बोल रहे थे। इस मौके पर सीएम और केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वात्सल्य ग्राम में देश के पहले संविद गुरुकुलम बालिका सैनिक स्कूल का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं की रक्षा और शिक्षा हमारी पहली प्राथमिकताओं में हैं। सैनिक स्कूल बालक-बालिकाओं के मन में सेना का अनुशासन ला रहे हैं। जीवन में सैन्य शक्ति का अनुशासन आगे बढ़ाने में मदद करेगा। विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पहले अयोध्या का नाम अपनी जुबान पर लाने तक में संकोच करते थे। अब कहते हैं हमें निमंत्रण नहीं मिला है। वह निमंत्रण की लालसा में बैठे हैं। कार्यक्रम में मौजूद योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण ने स्वामी परमानंद प्राकृतिक चिकित्सालय का उद्घाटन किया।
22 के बाद अयोध्या आकर देखना त्रेता युग याद आ जाएगा
सीएम ने कहा कि पहले अयोध्या की सड़कें और रेल मार्ग एकल लेन था। अब अयोध्या के बाहर ही नहीं, अंदर भी चार लेन और छह लेन सड़कें हैं। 22 जनवरी के बाद एक बार अयोध्या आकर देखना त्रेता युग याद आ जाएगा। हजारों वर्ष पहले प्रभु राम पुष्पक विमान से अयोध्या आए होंगे और अब अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया है। रेलवे लाइन का दोहरीकरण हो गया है। अब जल मार्ग से भी जोड़ने का काम शुरू हो गया है। उन्होंने कहा, हर नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए कि 2047 तक देश को विकसित बनाना है। प्रत्येक नागरिक के लिए पहले देश, फिर समाज, धर्म, उसके बाद परिवार और अंत में स्वयं होना चाहिए।
सैनिक स्कूल खुलना बालिकाओं के गौरव की बात
राजनाथ सिंह ने कहा कि वृंदावन में सैनिक स्कूल खुलना देश की बालिकाओं के लिए गौरव की बात है। इस प्रकार के और स्कूल भी खोले जाएंगे। उन्होंने कहा, भारत के ऋषि, मुनियों ने पूरी धरा के लोगों को अपना परिवार माना है। ऐसे ही पूरे प्रदेश को परिवार मानते हुए आपके मुख्यमंत्री राज्य को अपराध मुक्त करने के साथ ही विकास की पटरी पर दौड़ा रहे हैं। महोत्सव में केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति, बाबा रामदेव सहित कई हस्तियों ने शिरकत की।
खुद को हिंदू न मानने वालों के पूर्वज भी राम
बाबा रामदेव ने कहा कि मुसलमानों को काशी विश्वनाथ और मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि के विवाद को स्वेच्छा पूर्वक खत्म करने के बारे में सोचना चाहिए। मंदिर-मस्जिद से जुड़े विवादों पर लगाम लगाने की मांग करते हुए कहा कि जो आज खुद को हिंदू नहीं मानते हैं, उनके पूर्वज भी राम ही हैं। साध्वी ऋतंभरा के लिए इशारे में भारत रत्न की मांग की। उन्होंने कहा कि मदर टेरेसा को भारत रत्न मिला है। जबिक उनसे ज्यादा संघर्ष साध्वी ऋतंभरा ने किया है।