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Mathura News: पांच घंटे तक ट्रक चालकों के कब्जे में हाईवे, 10 किमी लंबा लगा जाम

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मथुरा। हिट एंड रन केस संबंधी कानून में कड़ी सजा के प्रावधानों के विरोध में सोमवार सुबह ट्रक चालकों ने आगरा-दिल्ली हाईवे की दोनों लेन पर जाम लगा दिया। करीब पांच घंटे तक भीषण जाम में फंसे निजी वाहनों में सवार लोग कराह उठे। महिलाएं और बच्चे बिलख उठे। पीने के पानी और शौच के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आगरा से दिल्ली की तरफ टाउनशिप से लेकर करीब 10 किलोमीटर तक हजारों वाहनों की कतार लगी रही।
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पुलिस और प्रशासन के अधिकारी करीब चार घंटे तक ट्रक चालकों को समझाते रहे, इस दौरान कई बार नोकझोंक हुईं। प्रशासन ने ट्रक चालकों की मांग राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया तो शाम करीब चार बजे जाम खोल दिया। इसके बाद भी वाहनों का रास्ता रोक रहे कुछ ट्रक चालकों को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं। उधर, शहर की सभी अंदरूनी सड़कें ब्लॉक हो गईं। शाम तक वाहन रैंगते हुए चले।

आगरा-दिल्ली हाईवे पर मंडी चौराहे के पास दोनों लेन पर ट्रक-ट्रेलरों को आड़ा तिरछा खड़ाकर जाम लगा दिया गया। देखते ही देखते दिल्ली की ओर जाने वाले लेन पर वाहनों की कतार लगती गई। उधर आगरा लेने पर मंडी चौराहे पीछे दिल्ली की ओर वाहनों की कतार बढ़ती गई। जाम का असर छाता तक रहा। करीब दस किलोमीटर की दूरी में हजारों वाहनों के पहिये थम रहे। इनमें निजी और पर्यटक वाहन भी शामिल थे। इनमें शामिल बच्चे और महिलाएं बिलखते नजर आए। बुजुर्गों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी। सैकड़ों सवारियां बसों से उतरकर रोड किनारे बैठ गईं। वहीं मथुरा और अन्य जगह जाने वाले लोग पैदल ही सामान उठाकर गोवर्धन चौराहे की ओर बढ़ने लगे।
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सुबह करीब 11 बजे शुरू हुए जाम के दौरान ट्रक समेत बड़े लोडिंग वाहन चालकों ने मथुरा ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के बैनर तले केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब चार घंटे तक उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। प्रदर्शनकारी ट्रक व ट्रेलरों पर चढ़कर नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने एक ट्रक को निकलवाने का प्रयास किया तो ट्रक चालक हाईवे पर ही ट्रक के सामने लेट गए। ट्रक चालकों का कहना है कि जब तक कानून वापस नहीं लिया जाएगा, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। एसडीएस सदर वैभव गुप्ता से आश्वासन मिलने के बाद चालकों ने शाम करीब चार बजे जाम खोला। इसके बाद भी कुछ ट्रक चालकों ने वाहनों का रास्ता रोकने का प्रयास किया तो पुलिस ने लाठियां फटकार कर उन्हें खदेड़ दिया।

थमे रहे रोडवेज के पहिए, गिनी चुनीं बसों का संचालन

ट्रक चालकों के विरोध की वजह से रोडवेज बसों के पहिए भी थमे रहे। सोमवार को डिपो के 43 बसों का ही संचालन किया गया। कई परिचालक तो ड्यूटी पर भी नहीं आए। आम दिनों में डिपो से 80 से 85 बसों का संचालन अलग-अलग रूटों पर किया जाता है, लेकिन सोमवार को 25 अनुबंधित बसें और 18 निगम की बसें गंतव्य को रवाना हुईं। काफी संख्या में चालक ड्यूटी पर भी नहीं आए। आगरा-लखनऊ, अलीगढ़-बरेली रूट पर बसों का संचालन प्रभावित रहा। चेकिंग इंचार्ज जेपी शुक्ला ने बताया कि बसों का संचालन प्रभावित होने से विभाग को करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आगरा से भी दिल्ली की ओर जाने वाली बसें शहर में नहीं आईं। इससे लोग इधर-उधर भटकते रहे।



केंद्र सरकार द्वारा जो नया कानून लागू किया गया है। ट्रांसपोर्टर और चालक उसका विरोध करते हैं। इस कानून को किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार ने कानून वापस नहीं लिया तो विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

- संजय ठाकुर, उपाध्यक्ष मथुरा ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन

नया कानून गलत है। ट्रक चालकों की आर्थिक हालत अच्छी नहीं होती। जब व्यक्ति को कोई नौकरी नहीं मिलती है तो वो ड्राइवरी करता है। ड्राइवरों को बचाने के लिए कानून बनना चाहिए।
- रामसरन, ट्रक चालक


ड्राइवर जैसे-तैसे अपने परिवार का पालन करता है। ऐसे में सजा और इतना भारी भरकम जुर्माना ड्राइवर और उसका परिवार कैसे भर पाएगा। सरकार को कानून वापस लेना चाहिए।
- धमेंद्र सिंह कुशवाहा




सिर पर सामान और बच्चों सग पैदल चले लोग

मथुरा। आगरा-दिल्ली हाईवे पर जाम लगने से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। वाहन नहीं मिलने से सिर पर सामान उठाकर बच्चों के साथ लोग पैदल ही चल रहे थे। जाम में फंसे लोग ट्रक चालकों को कोसते नजर आए। प्रदर्शन कर रहे ट्रक चालकों से स्थानीय निवासी दीपक की लड़ाई हो गई। दीपक ने बताया कि घर में परिजन बीमार हैं। उनके लिए दवाई लेकर कोसी जाना है। चार घंटे से जाम में फंसा हूं। टूंडला से जैन चौरासी मंदिर में दर्शन करने आए कुणाल ने बताया कि तीन घंटे से जाम में फंसा हुआ हूं। मध्यप्रदेश के सिंगरौली से जयगुरुदेव आश्रम में दर्शन करने आए सोनू चौरसिया और उनका परिवार सामान के साथ सड़क पर पैदल चलता नजर आया। सवारी वाहन न मिलने के कारण महिलाओं के साथ छोटे बच्चों को भी कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। कुछ महिलाएं तो सड़क पर ही बैठ गईं। सोनू चौरसिया ने कहा, जाम की वजह से साल का पहला दिन खराब हो गया। दीपक ने कहा साल के पहले दिन दर्शन करने के लिए मथुरा आए थे। जाम की वजह से सारा मजा खराब हो गया। कोई सवारी वाहन नहीं मिल रहा है। बच्चों के साथ पैदल सफर तय करना पड़ रहा है।

आराध्य के दर्शन नहीं कर पाए जाम में फंसे लोग

राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगने का असर शहर की सड़कों पर भी नजर आया। भूतेश्वर मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। जाम की वजह से कई पर्यटक आराध्य के दर्शन भी नहीं कर पाए। हाईवे पर जाम लगते ही वाहन चालकों ने शहर की गलियों व सड़कों का रुख कर लिया। इससे भूतेश्वर मार्ग पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया। देखते ही देखते इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यातायात व्यवस्था का संचालन करने में पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जाम की वजह से लोग अपने आराध्य के दर्शन तक नहीं कर पाए। करीब चार घंटे तक शहर की सड़कों पर जाम के हालात बने रहे। एक किलोमीटर का सफर तय करने में चार पहिया वाहन चालकों को आधे से एक घंटे का समय लगा।


आफत में फंसी रही 57 बुजुर्गों की जान, भूख-प्यास ने किया परेशान
मथुरा। राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे जाम से 57 बुजुर्गों की जान आफत में फंसी रही। भूख और प्यास से व्याकुल बुजुर्ग महिलाएं-पुरुष बस में बैठकर जाम खुलने का इंतजार करते रहे।दोपहर के तीन बज रहे थे। हाईवे पर वाहनों के पहिए थमे हुए थे। हाईवे पर गाजियाबाद नंबर की एक टूरिस्ट बस खड़ी थी। बस की खुली खिड़कियों से बुजुर्ग महिलाएं बाहर झांक रही थी। सभी की माथे पर चिंता की लकीरें खिंच आईं थीं। महिलाएं कभी सड़क पर आगे की तरफ देख रही थी। तो कभी मोबाइल में समय देख रही थी। पूछने पर बेहद निराश लहजे में बोली, साहब सुबह से केवल चाय पी है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और बिहारी जी का मंदिर घूम कर आ रहे है। काफी थक चुके हैं। सोचा था आगे रुक कर किसी ढाबे पर खाना खा लेंगे, लेकिन तीन घंटे से जाम में फंसे हुए हैं। बहुत तेज भूख लगी है। क्या करें, कहां जाएं। कुछ समझ नहीं आ रहा।

जाम के दौरान बुजुर्ग महिलाएं मन ही मन छटपटा रही थी। उम्र के इस पड़ाव में जैसे तैसे भूख-प्यास को बर्दाश्त कर रही थींं। महिलाओं ने बताया कि उनके पास पीने का जो पानी था, वो भी खत्म हो चुका है। महिलाओं ने बताया कि 15 दिसंबर को 57 लोग गुजरात से भ्रमण पर निकले हैं। सुबह मथुरा पहुंचे हैं। मथुरा घूमने के बाद आगरा जा रहे थे। जाम कब खुलेगा। कब आगरा पहुंचेंगे कुछ समझ नहीं आ रहा है। जाम के दौरान बुजुर्ग महिलाएं जाम लगाने वालों को कोसती नजर आईं। बोली जाम लगाना है तो दिल्ली जाकर लगाओ। कानून बनाने वालों के घर के सामने लगाओ। सड़क पर जाम लगाकर आम लोगों को क्यों परेशान कर रहे हो।



-सुबह से जाम में फंसे हुए हैं। बहुत तेज भूख लगी है। लग रहा है कि तबीयत खराब हो जाएगी। इस तरह जाम लगाना बहुत गलत है।

यमुना देवी


इतनी देर से जाम लगा हुआ है। खाने-पीने के साथ शौच के लिए परेशानी हो रही है। जाम लगाने वालों को सोचना चाहिए कि इन हालातों में महिलाएं-बच्चे कहां जाएंगे। -ज्योत्सना बेन

जाम लगाना है तो दिल्ली जाकर लगाओ, जिन्होंने कानून बनाया है। उनके घर से सामने जाम लगाओ। इस तरह हाइवे पर जाम लगाकर आम लोगों को क्यों परेशान कर रहे हो।- हिमी बेन


हड़ताल जारी रही तो पेट्रोल-डीजल पंप हो जाएंगे खाली

मथुरा। नए कानून के विरोध में हड़ताल कर रहे ट्रक ऑपरेटर्स की यूनियन को पेट्रोल-डीजल टैंकर संचालकों का भी समर्थन मिलने की चर्चा है। कई जिलों में समर्थन मिल भी चुका है। इसको लेकर प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। ऐसा हुआ तो जिले के पंपों पर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई नहीं पहुंचेगी और पंप खाली हो जाएंगे।
मथुरा पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश सिंह ने बताया कि जिले में 200 के करीब पंप हैं। इनमें अधिकांश की स्टोर क्षमता 40 हजार लीटर के करीब है। कुछ पंप 20 हजार लीटर की क्षमता वाले भी हैं। करीब चार से पांच दिन की बिक्री का स्टॉक रहता है। रविवार को मथुरा देहात के कई इलाकों के पंपों पर सप्लाई पहुंची भी नहीं थी। इसके बाद प्रशासन सचेत हुआ और टैंकर संचालकों से वार्ता की गई थी। उन्होंने बताया कि मथुरा रिफाइनरी से जिलेभर के सभी पंपों पर सप्लाई की जाती है। डीएसओ सतीश मिश्रा ने बताया कि अभी तक टैंकर संचालकों की ओर से हड़ताल का समर्थन करने जैसी कोई भी बात सामने नहीं आई है। पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं।
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