Vrindavan News: मथुरा के वृंदावन में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के तुरंत बाद आध्यात्मिक शांति की खोज में पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ मंगलवार सुबह वृंदावन पहुंचे। यहां श्री राधे हित केलिकुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज से भेंट की और उनका आशीर्वाद लिया।
प्रातः करीब 6 बजे विराट कोहली परिवार सहित आश्रम पहुंचे और वहां लगभग साढ़े नौ बजे तक रुके। संत प्रेमानंद महाराज से यह विराट की तीसरी मुलाकात थी। इससे पूर्व की मुलाकातों में भी विराट ने आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया था।
जानकारी के अनुसार पहली मुलाकात के दौरान उन्होंने संत से असफलता से बाहर निकलने का उपाय पूछा था, जिस पर संत ने उन्हें निरंतर अभ्यास और प्रभु स्मरण की सलाह दी थी।इस मुलाकात में संत प्रेमानंद महाराज ने विराट और अनुष्का से गूढ़ आध्यात्मिक चर्चा की।
उन्होंने विराट को प्रेरित करते हुए कहा वैभव मिलना प्रभु की कृपा है, लेकिन जब तक भीतर का चिंतन नहीं बदलेगा, तब तक वास्तविक कृपा की प्राप्ति नहीं होती। प्रतिकूलता जीवन में वैराग्य का मार्ग खोलती है और सच्चा संत समागम ही प्रभु की कृपा को प्रकट करता है।
संत प्रेमानंद महाराज ने अनुष्का शर्मा के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि केवल राधा नाम ही कलियुग में भक्ति प्राप्ति का एकमात्र सहारा है। आश्रम से निकलने के बाद विराट कोहली संत प्रेमानंद के गुरु गौरांगी शरण महाराज से भी मिलने बाराह घाट पहुंचे और वहां भी कुछ समय व्यतीत किया। टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद विराट का यह आध्यात्मिक रुख उनके जीवन के नए अध्याय की ओर संकेत करता है। उनके इस कदम की चर्चा खेल जगत से लेकर आध्यात्मिक जगत तक हो रही है।