गांव रायपुर में झगड़े की सूचना पर पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। पथराव किया, डंडों से मारपीट की। एसआई और एक सिपाही घायल हैं। मामले में तीन नामजदों समेत 15-20 ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
थाना नौहझील के गांव रायपुर निवासी फौंदी और राजू के बीच झगड़े की सूचना पर बुधवार की रात पुलिस पहुंची थी। थाने से एसएसआई रविंद्र सिंह, एसआई अमीराम सिंह, सिपाही पंकज, योगेश और अफजल नवी गांव पहुंचे। अभी पुलिस टीम गांव में पहुंची ही थी कि ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिसकर्मी इधर-उधर भागे। ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर डंडों से भी हमला किया।
एसआई अमीराम सिंह का सिर फूट गया, सिपाही योगेश भी घायल है। आखिर पुलिस टीम को मौके से भागना पड़ा।
मामले में एसएसआई रविंद्र सिंह ने गांव खुशालगढ़ी के राजू, बिजेंद्र, गांव रायपुर के दिगंबर सिंह के साथ 15-20 हमलावरों के खिलाफ थाना नौहझील में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस हमले का आदी है दिगंबर फौजी
पुलिस पर हमले में नामजद गांव रायपुर निवासी दिगंबर फौजी 21 नवंबर, 2016 में सिपाही अरुण कुमार सिंह पर हमले में भी आरोपी है। नोटबंदी के चलते लाइन तोड़कर जा रहे दिगंबर को सिपाही ने टोका तो उसने ईंट से हमला कर दिया था।
पुलिस पर हमले
30 मई, 2013: बरसाना के गांव हाथिया में पुलिस पर हमला, आगरा के सिपाही सतीश परिहार की मौत
28 जुलाई, 2015: थाना फरह के गांव परखम में पुलिस पर हमला
नवंबर, 2015: एक्सप्रेसवे जाम खुलवाने के दौरान बलदेव पुलिस पर ग्रामीणों का हमला
अप्रैल, 2016: ओल में फौजी की पिटाई से क्षुब्ध ग्रामीणों ने बोला हमला
जुलाई, 2016: थाना महावन मेें युवक की मौत से आक्रोशित लोगों ने किया पुलिस पर हमला
05 मार्च, 2017: मांट थाने में घुसकर ग्रामीणों ने बोला हमला
पुलिस पर हमला गंभीर मामला है। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द हमले के आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।
-विनोद कुमार मिश्र, एसएसपी